सरकारी अधिकारियों ने बताया कि तटरक्षक बल के जवानों और अन्य एजेंसियों के साथ तमिलनाडु तट से लेकर केरल तट के कुछ हिस्सों तक निगरानी बढ़ा दी गई है। श्रीलंका में राजनीतिक संकट का नया दौर शुरु होने के तुरंत बाद निगरानी गतिविधियों को तेज कर दिया गया था।
भारतीय तटरक्षक बल ने अपने होवरक्राफ्ट, विमान और गश्ती नौकाओं को श्रीलंका के साथ समुद्री सीमा पर निगरानी बढ़ाने के लिए तैनात किया है ताकि वहां से शरणार्थियों या भारत विरोधी तत्वों की संभावित आमद को रोका जा सके। बता दें कि श्रीलंका अपनी आजादी के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
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सरकारी अधिकारियों ने बताया कि तटरक्षक बल के जवानों और अन्य एजेंसियों के साथ तमिलनाडु तट से लेकर केरल तट के कुछ हिस्सों तक निगरानी बढ़ा दी गई है। श्रीलंका में राजनीतिक संकट का नया दौर शुरु होने के तुरंत बाद निगरानी गतिविधियों को तेज कर दिया गया था। लोगों ने राष्ट्रपति के भवन पर धावा बोल दिया है और नेतृत्व को उनके राजधानी शहर कोलंबो से भाग जाने की सूचना है। केंद्रीय एजेंसियों के साथ-साथ तमिलनाडु तटरक्षक पुलिस भी हाई अलर्ट पर है।
अधिकारियों ने कहा कि जबसे श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण राजनीतिक अराजकता शुरू हुई है, तब से कुछ लोगों के आने की कोशिश करने के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने कहा कि मानसून ने समुद्र की स्थिति को भी बहुत कठिन बना दिया है जो भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए समुद्री मार्ग का उपयोग करने की कोशिश कर रहे लोगों के खिलाफ एक निवारक के रूप में काम करेगा।
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अधिकारियों ने कहा कि म्यांमार के मांडले में तैनात होवरक्राफ्ट इकाइयां निगरानी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी क्योंकि वे दलदली क्षेत्र में हाई स्पीड के साथ-साथ भारतीय और श्रीलंकाई तटों के बीच उथले पानी में यात्रा कर सकते हैं। बल का डोर्नियर सर्विलांस विमान भी समुद्री सीमा पर नजर रखने के लिए उड़ानें भर रहा है।