भारतीय सेना दूसरे देशों की सेनाओं के साथ युद्धाभ्यास कर अपने कौशल को निखारने के प्रयास लगातार कर रहती है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान कई मंचों पर तीनों सेनाओं के संयुक्त युद्धाभ्यास की अहमियत को रेखांकित किया है। सेना की सबसे हालिया गतिविधि के बारे में रक्षा अधिकारी ने कहा कि सेना के तीनों अंग- थल, जल और वायु सेना विभिन्न परिचालन विकल्पों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। तीनों सेवाओं के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए मेघालय के शिलांग में पूर्वी वायु कमान में ट्राई-सर्विसेज टेबल टॉप अभ्यास- प्रयोग-23 चल रहा है।
तीनों सेनाओं के अधिकारी रहेंगे मौजूद
रक्षा अधिकारी ने मेघालय में जारी प्रयोग-23 और सीडीएस अनिल चौहान के भावी कार्यक्रम के बारे में बताया, इस अभ्यास में अगले दो दिनों तक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के नेतृत्व में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
श्रीलंका और भारत की सेनाओं का सहयोग
सेना से जुड़े एक अन्य अहम घटनाक्रम में भारत और श्रीलंका की नौसेना के बीच सैन्य सहयोग बढ़ रहा है। नौसेना ने एक बयान में कहा, कोलंबो में भारतीय युद्धपोत आईएनएस ऐरावत पर पतवार निरीक्षण और परीक्षण इकाई की स्थापना की पहल की गई है। बयान के अनुसार, श्रीलंकाई नौसेना को भंडार और उपकरण सौंपने का समारोह बुधवार को आयोजित किया गया।
सैन्य सहयोग प्रगाढ़ होने की पूरी उम्मीद
नौसेना ने बताया कि भारतीय सैन्य अधिकारी- रियर एडमिरल निर्भय बापना ने श्रीलंकाई नौसेना के डीजी इंजीनियरिंग रियर एडमिरल रवि रणसिंघे को उपकरण सौंपे। सेना के अनुसार, इस आदान प्रदान से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और प्रगाढ़ होने की पूरी उम्मीदें हैं।
काकीनाडा में दो दिवसीय बहुएजेंसी अभ्यास- प्रस्थान
नौसेना की एक अन्य गतिविधि अपतटीय विकास क्षेत्र (ओडीए), काकीनाडा में हुई। ओडीए की सुरक्षा के लिए 2 दिवसीय बहुएजेंसी अभ्यास- प्रस्थान 18-19 अक्तूबर को पूर्वी नौसेना कमान के तत्वावधान में आयोजित किया गया। भारतीय नौसेना ने काकीनाडा में जारी अभ्यास की वीडियो भी जारी की।
फ्रांस की नौसेना सद्भावना यात्रा पर मुंबई पहुंची
नौसेना के एक अन्य कार्यक्रम में फ्रांसीसी नौसेना का जहाज लैंगेडोक, एक एक्विटाइन क्लास फ्रिगेट, 13-18 अक्टूबर तक सद्भावना यात्रा पर मुंबई बंदरगाह पर था। रक्षा मंत्रालय गुरुवार को कहा, फ्रांस की नौसेना के पोत का भारत आने का मकसद भारत और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना था।
दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के साथ अहम वार्ता
लैंगेडोक की यात्रा के साथ, हिंद महासागर (ALINDIEN) में तैनात फ्रांसीसी बलों के कमांडर, वाइस एडमिरल इमैनुएल स्लार्स भी मुंबई आए। संयुक्त टास्क फोर्स 150 (CCTF 150) के कमांडर कैप्टन यानिक बोसु भी उनके साथ मुंबई आए। पश्चिमी नौसेना में तैनात फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी भारत और फ्रांस के सैन्य अधिकारियों की वार्ता के दौरान मौजूद रहे।
संयुक्त समुद्री बलों में भारतीय नौसेना की भागीदारी बढ़ाने पर मंथन
नौसेना के अनुसार, भारत-फ्रांस समुद्री सहयोग को बढ़ाने के साथ-साथ अमेरिका के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री बलों (सीएमएफ) में भारतीय नौसेना की भागीदारी को बढ़ाने पर मंथन किया गया। बयान में कहा गया है कि जहाज की कमान संभालने वाली कैप्टन क्रिस्टीन रिब्बे ने महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र (एफओएमए) के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल एएन प्रमोद से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने भारत-फ्रांस के आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की।
सैन्य अधिकारियों की अनौपचारिक बातचीत और खेल कार्यक्रम
पांच दिवसीय कार्यक्रम में फ्रांसीसी और भारतीय नौसेना के कर्मियों के बीच क्रॉस-विजिट के माध्यम से पेशेवर आदान-प्रदान भी हुए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, फ्रांसीसी जहाज के मुंबई प्रवास के दौरान आयोजित सामाजिक कार्यों के माध्यम से अनौपचारिक बातचीत का अवसर भी प्रदान किया। इसमें भारतीय नौसेना कर्मियों के साथ खेल कार्यक्रम भी शामिल थे।
पिछले साल भी मुंबई आया था फ्रांसीसी जहाज
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा से भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी नवीनीकृत और मजबूत बनने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक दोनों देशों की सेनाएं जिम्मेदारी के अतिव्यापी क्षेत्रों में समान चिंताओं को साझा करते हैं।" बता दें कि फ्रांसीसी नौसेना के जहाज एकोनिट ने पिछले साल भी मुंबई का सद्भावना दौरा किया था।