भारत ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करते हुए कनाडा और लेसोथो को भारत निर्मित टीके की खेप भेजी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जयशंकर ने ट्वीट किया, 'भारत निर्मित टीके कनाडा पहुंचे।' एक अन्य ट्वीट में विदेश मंत्री ने कहा, 'लेसोथो को भारत निर्मित टीके मिले।'
वहीं, बारबाडोस के प्रधानमंत्री मिया आमोर मोटली ने उनके देश को भारत निर्मित कोविड-19 टीके की आपूर्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मोदी ने बारबाडोस के 40 हजार लोगों और अन्य स्थानों पर हजारों लोगों के लिए कोविशील्ड टीके की खुराक उपलब्ध कराई है।
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, 'धन्यवाद प्रधानमंत्री मिया आमोर मोटली। हमारे देशों के बीच विशेष मित्रता ने हमेशा भौगोलिक दूरियों की खाई पाटने का काम किया है। टीका मैत्री अभियान को बारबाडोस और अन्य कैरीकॉम देशों के टीकाकरण प्रयासों में सहयोग करने पर गर्व है।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही भारत ने कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सहयोग करते हुए ग्वाटेमाला, केन्या, रवांडा, सेनेगल और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो को भारत निर्मित कोविड-19 रोधी टीके की खुराक भेजी थी। इससे पहले भारत ने नाइजीरिया व अंगोला को कोविड-19 टीके की खुराक भेजी थी।
भारत ने कैरीकॉम देशों से की गई अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए कोविड-19 रोधी टीके एंटीगुआ और बारबुडा, सेंट किट्स और नेविस, सेंट विंसेंट व ग्रेनेडाइंस और सूरीनाम को भेजे थे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि इस जंग में भारत पूरी दुनिया के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत ने 'टीका मैत्री' अभियान के तहत भूटान को 1.5 लाख, मालदीव, मॉरीशस और बहरीन को एक लाख, नेपाल को 10 लाख, बांग्लादेश को 20 लाख, म्यांमार को 15 लाख, सेशल्स को 50,000, श्रीलंका को पांच लाख टीके की खुराक मुहैया कराई है। इसके अलावा अनेक देशों को टीके की वाणिज्यिक आपूर्ति भी की गई है।