अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय से अुनरोध किया कि वादियों को अपील दायर करने की सीमा अवधि के रूप में 90 और दिन दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पहले का आदेश हटा लिया गया है जिसे कोविड-19 महामारी के चलते पारित किया गया था।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने देश में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के प्रसार को देखते हुए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पिछले साल 23 मार्च को अदालतों अथवा अधिकरणों में अपील दायर करने की सीमा अवधि को बढ़ा दिया था।
मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव व एस रविंद्र भट्ट की पीठ ने इस दलील का संज्ञान लिया और मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। वेणुगोपाल ने सुझाव दिया कि सीमा अवधि की गणना के दौरान 15 मार्च 2020 से 14 मार्च की अवधि को हटाया जाना चाहिए।
बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को 15 मार्च 2021 से अपील की सीमा अवधि के विस्तार को वापस लेने के संकेत दिए थे। इसके साथ ही कोरोना वायरस महामारी के कारण दोबारा से प्रतिबंध लगाए जाने की सूरत में फिर से 90 दिन की सीमा अवधि का विस्तार दिया जा सकता है।