भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह के रास्ते अफगानिस्तान के लिए गेहूं की पहली खेप रविवार को रवाना की। इस कदम को नौवहन के क्षेत्र में ‘मील का पत्थर’ माना जा रहा है क्योंकि इससे पाकिस्तान क्षेत्र के बाहर ही अफगानिस्तान तक नए सामरिक महत्व की शानदार कनेक्टिविटी के लिए बंदरगाह के ऑपरेशनल होने का रास्ता साफ होगा।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एवं अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त रूप से गुजरात के कांडला बंदरगाह से गेहूं से लदे जहाज को झंडी दिखाकर रवाना किया।
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बड़ी उपलब्धि बताया है। इस कदम के साथ ही भारत से अफगानिस्तान के लिए वैकल्पिक एवं विश्वसनीय मार्ग का सपना साकार होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि गेहूं से लदे छह और जहाज भी अगले कुछ महीनों में अफगानिस्तान के लिए भेजे जाएंगे।
बता दें कि अफगानिस्तान से सड़क मार्ग जरिए कारोबार में पाकिस्तान बाधा बना हुआ है। इसी के जवाब में ईरान के चाबहार बंदरगाह को भारत विकसित कर रहा है। बीते जून में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत और अफगानिस्तान ने एक एयर फ्रेट कॅरिडोर भी लॉन्च किया था।