फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरदार पटेल जयंती पर मोदी सरकार और ममता आमने-सामने, 'हम अपने तरीके से मनाएंगे'

Sun, 29 Oct 2017 07:29 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोलकाता
विज्ञापन
ममता बनर्जी - फोटो : FILE PHOTO
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल सरकार ने सरदार पटेल की जयंती पर तमाम उच्च शिक्षण संस्थानों में एकता दौड़ के आयोजन के केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन


राज्य के शिक्षा विभाग ने कॉलेजों व विश्वविद्यालयों समेत तमाम उच्च शिक्षण संस्थानों को केंद्र के दिशानिर्देशों की अनदेखी करने का निर्देश दिया है। शिक्षा मंत्री व तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने रविवार को कहा कि सरकार सरदार पटेल की जयंती अपने तरीके से मनाएगी।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयंती के मौके पर तमाम उच्च शिक्षण संस्थानों को एकता दौड़ आयोजित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


शिक्षण संस्थानों से ‘राष्ट्र सरदार बल्लभभाई पटेल को सैल्यूट करता है’ की थीम पर नाटकों का मंचन करने और आयोजन की वीडियो रिकार्डिंग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेजने को भी कहा गया है।

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य पर किसी भी चीज को थोपने का अधिकार नहीं है। किसी के निर्देश के आधार पर किसी व्यक्ति विशेष के प्रति सम्मान नहीं जताया जाता।

खासकर आयोजनों की वीडियो रिकार्डिंग कर उसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेजने के निर्देश पर हमें काफी आपत्ति है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोबाइल फोन से आधार नंबर जोड़ने वाले केंद्र के निर्देश को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि वह ऐसा नहीं करेंगी। उन्होंने कहा था कि वे चाहें तो मेरा मोबाइल कनेक्शन काट सकते हैं, लेकिन अपनी निजता बनाए रखने के लिए वह मोबाइल नंबर को आधार से नहीं जोड़ेंगी।

वैसे, शिक्षा के मुद्दे पर केंद्र व राज्य का टकराव कोई नया नहीं है। केंद्र ने सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों को बीते महीने 11 तारीख को स्वामी विवेकानंद की ओर से शिकागो में दिए गए भाषण की 125वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के सजीव प्रसारण का निर्देश दिया था।

लेकिन राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर पश्चिम बंगाल के तमाम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को उक्त निर्देश की अनदेखी करने को कहा था। इससे पहले 15 अगस्त मनाने के तरीके पर विवाद रहा था और राज्य सरकार ने केंद्र के सुझाए तरीके का पालन करने से मना कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें