भारत ने स्विस अधिकारियों से भारतीय बिजनेसमैन रतुल पुरी, उसके पिता दीपक पुरी और दो विदेशी कंपनियों के बैंक खातों का ब्योरा मांगा है। भारत के आग्रह पर स्विट्जरलैंड के टैक्स अधिकारियों ने इसका सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है।
स्विस सरकार के संघीय गजट में अलग से प्रकाशित नोटिस में रतुल पुरी और दीपक पुरी से 10 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि वे भारत की तरफ से मांगी गई ‘प्रशासनिक सहायता’ के आग्रह के खिलाफ अपील करना चाहते हैं तो अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के नाम स्विस टैक्स अधिकारियों को बता दें।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पर बहुचर्चित अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीद से जुड़े 3600 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने और संकटग्रस्त आईटी कंपनी मोजरबियर के नाम पर बैंक से 354 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर अन्य कामों में इस्तेमाल करने का आरोप है।
पुरी को पिछले साल अगस्त में बैंक घोटाले के सिलसिले में पीएमएलए के तहत गिरफ्तार भी किया गया था। भारतीय जांच एजेंसियों को संदेह है कि पुरी और उसके पिता ने अवैध तरीके से अपने स्विस बैंक खातों में पैसा जमा कर रखा है। हालांकि दिसंबर में उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन अदालत ने उसके देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी। प्रवर्तन निदेशालय ने जमानत आदेश को चुनौती दे रखी है।
स्विस सरकार ने ऐसा ही नोटिस ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड स्थित दो कंपनियों हेनडन ग्लोबल लिमिटेड और ब्रानसन फाइनेंशियल इंक को भी जारी किया है। भारतीय जांच एजेंसियां रतुल पुरी की तरफ से की गई कथित मनी लान्ड्रिंग के मामले में इन दोनों कंपनियों के खिलाफ भी जांच कर रही हैं।