भारत दिसंबर तक कम से कम तीन और देशों के साथ बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि रूस समेत कई देशों के साथ बातचीत जारी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत दिसंबर तक कम से कम तीन और देशों के साथ बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने बताया कि कई देशों के साथ इस दिशा में बातचीत चल रही है और इसमें रूस भी शामिल है। अगर बातचीत तय दिशा में आगे बढ़ती रही तो दिसंबर तक तीन और देशों के साथ समझौते पूरे किए जा सकते हैं।
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रूस समेत कई देशों से चल रही बातचीत
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान सीतारमण ने कहा कि भारत कई देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश से जुड़े समझौतों पर बातचीत कर रहा है। बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट का उद्देश्य दोनों देशों के निवेशकों को एक-दूसरे के यहां निवेश के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराना है। इसमें निवेशकों के हितों की सुरक्षा और निवेश से जुड़े विवादों के समाधान जैसे प्रावधान शामिल होते हैं।
विदेशी निवेश बढ़ाने पर सरकार का जोर
भारत की यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब सरकार विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में देश की भूमिका मजबूत करने पर जोर दे रही है। विभिन्न देशों के साथ बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट होने से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ने और सीमा-पार निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे भारत में निवेश के लिए एक अधिक स्थिर और भरोसेमंद वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
भारत-रूस आर्थिक रिश्तों के लिए भी अहम
रूस के साथ चल रही बातचीत को भी अहम माना जा रहा है। भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, परिवहन समेत कई क्षेत्रों में व्यापक आर्थिक सहयोग है। ऐसे में निवेश संरक्षण से जुड़ा समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत कर सकता है। हालांकि, दिसंबर तक कितने देशों के साथ समझौते अंतिम रूप लेते हैं, यह मौजूदा बातचीत की प्रगति पर निर्भर करेगा।