भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से सभी के लिए किफायती और स्वच्छ ऊर्जा की पैरवी की। भारत ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए सम्मिलित वैश्विक प्रयास आवश्यक है। इसके अलावा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा के दायरे को बढ़ाने के लिए नवोन्मेषी तरीके अपनाने तथा मजबूत राजनीतिक इच्छा शक्ति की भी आवश्यकता है।
बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री राज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा, हमारे पास सतत विकास लक्ष्य संख्या सात (एसडीजी 7) को पाने के लिए और सभी को सस्ती, विश्वसनीय व टिकाऊ ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए करीब 10 साल हैं।
उन्होंने ऊर्जा पर संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय वार्ता की आभासी शुरुआत के मौके पर कहा कि एसडीजी 7 पाने के लिए वैश्विक स्तर पर सम्मिलित प्रयासों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, इसके लिए मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता, ऊर्जा की पहुंच के विस्तार के नए तरीकों, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की भी आवश्यकता होगी।
सिंह ने कहा कि एसडीजी 7 प्राप्त करने के रास्ते में आने वाली चुनौतियां बहुत बड़ी हैं, लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक रूप से हम चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिये एक स्वच्छ ऊर्जा वाला भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हाथ मिलाने और सही मायने में ऊर्जा पर काम करने का वर्ष है।