रिजिजू ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में हमारी मौसम पूर्वानुमान प्रणाली दुनिया भर में अन्य सभी प्रणालियों की तुलना में काफी बेहतर रही है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को भारत की मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत की मौसम पूर्वानुमान प्रणालियां (weather forecasting systems) दुनिया भर की सभी प्रणालियों से बेहतर हैं। मौसम विभाग की मौसम को लेकर की जाने वाली भविष्यवाणी की सटीकता में भी सुधार हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में इसके परिणाम सटीक रहे हैं।
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IMD की भूमिका महत्वपूर्ण
रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में हमारी मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और उसके परिणाम दुनिया भर में अन्य सभी प्रणालियों की तुलना में काफी बेहतर हैं।
डॉपलर रडार की बढ़ेगी संख्या
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वानुमान में सुधार के साथ ही आपदा से संबंधित मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि डॉपलर रडार की संख्या 2013 में 15 थी, जोकि अब बढ़कर 35 हो गई है। इसके अलावा भारत अगले तीन वर्षों में और रडार जोड़ेगा। इसके बाद यह संख्या 68 हो जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि साल 2025 तक पूरा देश डॉपलर वेदर रडार नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा।
आपदाओं को रोकना नामूमकिन
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आईएमडी को लेकर रिजिजू ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर मौसम एजेंसी की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। हम आपदाओं को रोक नहीं सकते, लेकिन आईएमडी की चेतावनियों का पालन करके उन्हें कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईएमडी ने 2014 के बाद से जबरदस्त काम किया है। इस साल चक्रवात बिपरजॉय को लेकर सही जानकारी दी।