अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के गणतंत्र दिवस परेड शिविर में आए युवाओं से बातचीत के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि भारत की असली ताकत राष्ट्रीय एकता और समाज के लिए मिलकर सेवा करने में है। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा को अपना कर्तव्य मानकर करने और हमेशा देशहित को प्राथमिकता देने की अपील की।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि भारत की असली ताकत राष्ट्रीय एकता और समाज के लिए मिलकर सेवा करने में है। उन्होंने कहा कि जब देश के लोग एकजुट होकर काम करते हैं, तभी देश तेजी से आगे बढ़ता है। वे अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के गणतंत्र दिवस परेड शिविर में आए युवाओं से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने युवाओं से समाज सेवा को अपना कर्तव्य मानकर करने और हमेशा देशहित को प्राथमिकता देने की अपील की।
'महान नेताओं ने हमें एकता और सेवा का रास्ता दिखाया'
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं ने हमें एकता और सेवा का रास्ता दिखाया है। आज भी उनके विचार देश की प्रगति के लिए उतने ही जरूरी हैं। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे देश की साझा यात्रा है। इसके लिए हर नागरिक को अनुशासित, देशभक्त और जिम्मेदार बनना होगा।
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'विकसित भारत सिर्फ आर्थिक तरक्की से नहीं बनता'
उपराष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि आज के युवा अपनी प्रतिभा, सपनों और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बल पर भारत को 2047 तक एक अग्रणी देश बना देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत सिर्फ आर्थिक तरक्की से नहीं बनता। इसके लिए समाज में आपसी भाईचारा, नैतिक मूल्यों की मजबूती और अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं। ये सभी चीजें एनएसएस जैसी संस्थाओं की गतिविधियों से मजबूत होती हैं।
एनएसएस के स्वयंसेवकों की उपराष्ट्रपति ने की तारीफ
उपराष्ट्रपति ने एनएसएस के स्वयंसेवकों की तारीफ करते हुए कहा कि वे साक्षरता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, सामुदायिक विकास, आपदा राहत और पुनर्वास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि निस्वार्थ सेवा से न सिर्फ समाज मजबूत होता है, बल्कि व्यक्ति का चरित्र भी निखरता है। यही सच्चे राष्ट्र निर्माण की पहचान है।