विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अमेरिका द्वारा वहां के नागरिकों के भारत यात्रा के लिए जारी एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया दी है। इसको लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिका द्वारा जारी की गई हालिया ट्रैवल एडवाइजरी उनकी अपनी सुरक्षा संबंधी मूल्यांकन पर आधारित है, और ऐसे परामर्श समय-समय पर जारी किए जाते हैं।
बता दें कि अमेरिका ने बीते 16 जून को अपने नागरिकों के लिए भारत को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी अपडेट की थी। इसमें कहा गया है कि भारत में अपराध और दुष्कर्म के मामलों को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतें। साथ ही कुछ राज्यों में आतंकी खतरे की वजह से यात्रा न करने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि भारत में दुष्कर्म के सबसे तेजी से बढ़ने वाले अपराधों में से एक है और पर्यटन स्थलों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हिंसक घटनाएं हो सकती हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमने ध्यान दिया है कि अमेरिका ने 16 जून को भारत के लिए ट्रैवल एडवाइजरी अपडेट की है। हालांकि, अमेरिका ने हमें सूचित किया है कि भारत के लिए एडवाइजरी का स्तर नहीं बदला है। यह पहले की तरह 'लेवल-2' पर ही है। उन्होंने बताया कि यह लेवल-2 श्रेणी पिछले कई वर्षों से बनी हुई है, यानी भारत की यात्रा करते समय नागरिकों को 'अतिरिक्त सतर्कता' बरतने की सलाह दी जाती रही है।
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अमेरिका ने किन क्षेत्रों को किया हतोत्साहित
गौरतलब है कि अमेरिका ने अपने नागरिकों को जम्मू-कश्मीर (लद्दाख और लेह को छोड़कर) में न जाने की सलाह दी है, साथ ही पूर्वी महाराष्ट्र, उत्तरी तेलंगाना से लेकर पश्चिम बंगाल तक के ग्रामीण इलाकों में आपात सेवाओं की सीमित उपलब्धता की बात भी कही है।
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अमेरिका के वीजा दिशानिर्देशों पर भी बोले जायसवाल
साथ ही जायसवाल ने अमेरिका के वीजा दिशानिर्देशों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वीजा और इमिग्रेशन से जुड़ी बातें किसी भी देश के संप्रभु अधिकार में आती हैं। हालांकि, अमेरिका की तरफ से वीजा आवेदनों में सोशल मीडिया की जानकारी मांगने वाले नए दिशा-निर्देशों पर भारत की नजर है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि भारतीय नागरिकों के वीजा आवेदन केवल योग्यता के आधार पर परखे जाने चाहिए। हम अमेरिका के साथ सभी 'मोबिलिटी' और वाणिज्यिक मामलों पर लगातार संपर्क में हैं, ताकि भारतीयों के हित सुरक्षित रहें।
भारत-अमेरिका संबंध 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारी : विदेश मंत्रालय
भारत ने पाकिस्तान के सेना अध्यक्ष जनरल आसिम मुनीर के व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भोजन करने के बारे में कहा कि उसने इस घटना का संज्ञान लिया है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत व अमेरिका के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं और 21वीं सदी की इस सबसे अहम साझेदारी के हर पहलू पर भारत का भरोसा कायम है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में मुनीर को ट्रंप के न्योते के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, हमने इस दौरे का संज्ञान लिया है। हालांकि मैं अभी इसपर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। ट्रंप ने 18 जून को जनरल मुनीर को व्हाइट हाउस में दोपहर के भोजन के लिए बुलाया था।
उन्होंने कहा, जहां तक भारत-अमेरिका संबंधों का सवाल है, मैं आपको याद दिला दूं कि अमेरिका के साथ हमारी साझेदारी व्यापक है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और बढ़ते रणनीतिक झुकाव पर आधारित है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर उच्च स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है और यह व्यापार से लेकर महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में निरंतर संवाद और सहयोग में प्रकट होता है। हम 21वीं सदी की इस सबसे महत्वपूर्ण साझेदारी की दिशा में आश्वस्त हैं।