ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। दोनों देशों ने बहुध्रुवीय विश्व, ऊर्जा, विज्ञान और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को लेकर अहम चर्चा हुई। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक में जयशंकर ने कहा कि BRICS विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए नियमित मार्गदर्शन देती है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वे साझेदारी के हर पहलू की लगातार समीक्षा करें और उसे मजबूत बनाएं।
'भारत-रूस रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे'
जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों में लगातार वृद्धि हुई है। खासकर आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिर माहौल में दोनों देशों का राजनीतिक सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और रूस ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया है और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में भी दोनों देश गंभीरता से काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर जोर
बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस दोनों की साझा रुचि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने में है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ‘डी-रिस्किंग’ और विविधीकरण से दोनों देशों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जटिल अंतरराष्ट्रीय हालात में भरोसेमंद साझेदारों के बीच खुलकर विचार-विमर्श बेहद जरूरी है और भारत-रूस संबंध इसी विश्वास पर आधारित हैं।
BRICS बैठक में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल
जयशंकर ने रूसी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक सिर्फ ब्रिक्स एजेंडे तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा का भी महत्वपूर्ण अवसर है। इसी दौरान विदेश मंत्री ने मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशाम आदम से भी मुलाकात की। वहीं ईरान के विदेश मंत्री डॉ. अराघची भी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके दौरे की जानकारी साझा की।