प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट की वजह से गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने की जनता से अपील की है। इसके बाद केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के एक संगठन ने केंद्र सरकार से 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम), ऑनलाइन मीटिंग और वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के संबंध में व्यापक दिशानिर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सर्विस (सीएसएस) फोरम केंद्रीय सचिवालय के कामकाज की रीढ़ माने जाने वाले सीएसएस अधिकारियों का एक प्रतिनिधि निकाय है। इस संगठन ने पीएम मोदी की अपील के संबंध में अपनी मांगें रखी हैं।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग से दिशा-निर्देश जारी करने की मांग
फोरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम', ऑनलाइन मीटिंग और वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग को फिर से अपनाने को प्रोत्साहन देने का हवाला देते हुए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग से सरकारी कार्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
फोरम का मानना है कि एक संतुलित और संरचित ढांचा उत्पादकता, कर्मचारी कल्याण, डिजिटल गर्वनेंस को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही ग्रीन सेक्रेटेरिएट (पर्यावरण के अनुकूल सचिवालय) की परिकल्पना का समर्थन कर सकता है।
पीएम मोदी ने की थी क्या अपील?
यह मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा संरक्षण के लिए पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, सोने की खरीद को एक साल के लिए टालने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में वृद्धि, पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और घर से काम करने जैसे उपायों का सुझाव देने के बाद आई है।
पीएम की अपील के समर्थन में आए कई कर्मचारी संगठन
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल ने भी प्रधानमंत्री के इस कदम का समर्थन किया है। पटेल ने कहा कि ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन सरकार से देश के कल्याण और प्रगति के लिए प्रधानमंत्री द्वारा सुझाए गए 'वर्क फ्रॉम होम', वर्चुअल मीटिंग जैसे उपायों पर विचार करने का आग्रह करता है।
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