भारत ने कनाडा के समक्ष ‘अस्थायी विदेशी कामगार कार्यक्रम’ में बदलाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। कनाडा की ओर से इस कार्यक्रम में बदलाव करने से घरेलू कंपनियों को अपने कर्मचारियों को अल्पकालिक वीजा पर कनाडाई यूनिटों में भेजने में दिक्कत आ रही है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
शुक्रवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत दौरे पर आए कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री फ्रानोइस- फिलिप कंपग्ने के साथ बातचीत के दौरान इस मसले को उठाया। इस पर उन्होंने कर्मचारियों की आवाजाही में आ रही दिक्कतों को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया। शनिवार को वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं के बीच अल्पकालिक वीजा पर कंपनी की ओर से दूसरे देश स्थित अपने यूनिट में कर्मचारियों के हस्तांतरण में आ रही परेशानियों को दूर करने पर चर्चा हुई।
कनाडा की ओर से अस्थायी विदेशी कामगार कार्यक्रम पर बदलाव से भारतीय कंपनियों को अपने कर्मचारियों को कनाडा स्थित यूनिट भेजने में मुश्किलें आ रही हैं। इस दौरान कनाडाई मंत्री ने यह भी बताया कि ग्लोबल स्किल स्ट्रैटेजी प्रोग्राम के तहत कुशल टेक्नीशियन, कारोबारियों और शोधकर्ताओं के वीजा आवेदन पर दो सप्ताह के भीतर विचार किया जाएगा। इसके अलावा एक साल से कम समय के लिए कनाडा आने वाले कारोबारियों के लिए वीजा प्रक्रिया में तेजी लाने की व्यवस्था की जा रही है।