सरस्वती नदी की सफाई के दौरान कर्मचारियों को हड़प्पा सभ्यता से भी पहले के अवशेष मिले हैं। माना जा रहा है कि यह अवशेष 6 हजार साल से भी ज्यादा पुराने हैं। फतेहाबाद के उपायुक्त एन के सोलंकी ने कहा कि नदी की सफाई के दौरान प्राप्त हुए कुछ अवशेश 3500 साल कर पुराने हो सकते हैं और कुछ का ताल्लुक 5 से 6 हजार साल पहले से हो सकता है।
प्राप्त हुए अवशेषों में गहने, मोती और हड्डियां शामिल हैं। इन्हें कुणाल गांव के म्युजियम में रखा गया है। उपायुक्त ने संभावना जताई की नदी यहां से भी बहा करती थी।
इन बातों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सैटालाइट तस्वीरों में इस बात को साफ दिखाया जाता है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और राज्य पुरातत्व और संग्रहालय मंत्री राम बिलास शर्मा के निर्देशानुसार ही यह कार्य शुरू हुआ था।