पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने सीमा पार जाने को इच्छुक 150 सिखों को अनुमति नहीं दी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की तरफ जारी बयान में कहा गया है कि ये 150 सिख श्रद्धालु अटारी सीमा पर मौजूद हैं।
पाकिस्तान का कहना है कि इन यात्रियों के लिए ख़ास ट्रेन की व्यवस्था की गई है फिर भी अनुमति नहीं दी जा रही है। इस मामले में भारत की तरफ अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।
बयान के मुताबिक पाकिस्तानी उच्चायोग ने राजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर पाकिस्तान आने को इच्छुक 300 सिख श्रद्धालुओं के लिए वीजा जारी किया था। इनमें से आधे लोग अटारी सीमा पर मौजूद हैं।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार यह पहला मौका नहीं है कि पाकिस्तान आने के इच्छुक सिख श्रद्धालुओं को भारत ने रोका है। 2014 में भी इस तरह का एक विवाद पैदा हुआ था जब गुरु अर्जुन देव की सालगिरह मनाने के लिए पाकिस्तान आने वाले यात्रियों को भारतीय अधिकारियों ने ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी थी।
इस ट्रेन को पाकिस्तानी अधिकारियों ने भेजा था। तब भारतीय अधिकारियों ने ट्रेन में यात्रा असुरक्षित करार दिया था। बाद में ये यात्री बस से लाहौर आए थे। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक धार्मिक यात्रियों को लेकर दोनों देशों के बीच जो समझौता है उसे सुलझाना दोनों देशों की जिम्मेदारी है।
पाकिस्तान का कहना है कि समस्या भारत की तरफ से पैदा हो रही है। सिखों से जुड़े कई धार्मिक महत्व के स्थान पाकिस्तान में हैं। इन धार्मिक स्थानों की यात्रा पर दुनिया भर से सिख बड़ी संख्या में हर साल आते हैं।