केंद्र ने सेना का दिया बड़ा अधिकार
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पाकिस्तान से तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को टेरिटोरियल आर्मी (टीए) के अफसरों को भी मदद के लिए जुटाने का अधिकार दिया है। ऐसे में अगर जरूरत पड़ी तो क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, निशानेबाज अभिनव बिंद्रा, अभिनेता मोहनलाल और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी दुश्मन के खिलाफ जंग के मैदान में मोर्चा संभालेंगे। कपिल देव व सचिन पायलट भी टीए का हिस्सा हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक सेना प्रमुख को टीए के हर अधिकारी व नामित व्यक्ति को बुला सकते हैं। इस संबंध में 6 मई को जारी आदेश 9 फरवरी, 2028 तक प्रभावी रहेगा।
32 में से 14 इन्फैंट्री बटालियनों की तैनाती की जाएगी
आदेश में यह भी कहा गया कि, टीए की मौजूदा 32 इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 इन्फैंट्री बटालियनों को दक्षिणी कमान, पूर्वी कमान, पश्चिमी कमान, मध्य कमान, उत्तरी कमान, दक्षिण पश्चिमी कमान, अंडमान व निकोबार कमान और सेना प्रशिक्षण कमान क्षेत्रों में तैनाती के लिए शामिल किया जा सकता है।
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प्रादेशिक सेना: 75 सालों की सेवा
प्रादेशिक सेना, जिसे 9 अक्तूबर 1949 को स्थापित किया गया था, ने पिछले साल अपनी 75वीं वर्षगांठ मनाई थी। यह बल न सिर्फ युद्ध के समय देश की सेवा करता है, बल्कि आपदा राहत, पर्यावरण सुरक्षा और मानवीय मदद में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। टीए पूरी तरह से नियमित सेना के साथ जुड़ा हुआ है और इसके जवानों को उनकी बहादुरी और सेवा के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
देश में 14 बटालियन होंगी तैनात
सरकार की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा 32 टीए इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 को तैनात करने का आदेश दिया गया है। इन्हें देश के कई सैन्य कमानों में भेजा जाएगा।
- साउथर्न कमांड
- ईस्टर्न कमांड
- वेस्टर्न कमांड
- सेंट्रल कमांड
- नॉर्दर्न कमांड
- साउथ वेस्टर्न कमांड
- अंडमान और निकोबार कमांड
- आर्मी ट्रेनिंग कमांड (एआरटीआरएसी)
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बजट की उपलब्धता पर निर्भर होगी तैनाती
अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि इन बटालियनों की तैनाती तभी होगी जब बजट में इसके लिए पैसे उपलब्ध होंगे या फिर आंतरिक बचत से पैसे की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, जिन यूनिट्स को रक्षा मंत्रालय के अलावा किसी अन्य मंत्रालय की मांग पर तैनात किया जाएगा, उसका खर्च संबंधित मंत्रालय ही उठाएगा।