भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की हर कोशिश नाकाम होने के बाद पाकिस्तान अपनी युद्ध नीति से लेकर रणनीति तक सभी सवालों के घेरे में है। वहीं, भारत की रक्षा क्षमता और सधी सामरिक श्रेष्ठता फिर सुर्खियों में आ गई है। रक्षा विशेषज्ञों और पूर्व वायुसेना अधिकारियों ने पाकिस्तान की कमजोर युद्ध रणनीति की खामियां गिनाते हुए भारत की उम्दा रक्षा प्रणाली की तारीफ की। सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल सूर्यकांत चिंतामन चाफेकर और रक्षा विशेषज्ञ संजय कुलकर्णी ने कहा कि पाकिस्तान की चालबाजियों का मुकाबला करने में भारत की रक्षा प्रणालियां मारक और असरदार हैं। ब्यूरो
हमारी क्षमता का अंदाजा न लगा सका
जवाबी कार्रवाई करते समय भारत में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले कर सैन्य ठिकानों और शहरों को निशाना बनाना पाकिस्तान की पारंपरिक युद्ध नीति से भटकने का उदाहरण है। पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला कर शुरुआत की और हमने आतंकी ठिकानों पर हमला कर जवाब दिया। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई अपेक्षित थी, लेकिन उसने हमारी सैन्य और नागरिक संरचनाओं पर हमला कर युद्ध नीति को ताक पर रख दिया और यह रणनीति युद्ध नीति के पूरी तरह से खिलाफ थी।
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अभेद्य ढाल एस-400 व यूएएस ग्रिड
पाकिस्तान की समझ की कमी को लेकर चाफेकर ने कहा कि भारत के पास एस-400 वायु रक्षा प्रणाली और मानव रहित हवाई प्रणाली (यूएएस) ग्रिड देश को अभेद्य बनाती है। यह बेहद दूर से भी बड़े पैमाने पर खतरे को भांप सकती हैं। यूएएस ग्रिड छोटे से छोटे लक्ष्य मसलन बैलिस्टिक मिसाइल, मध्यम- निम्न-स्तरीय मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर, ड्रोन सब कुछ दूर से पकड़ लेती है और पाकिस्तान को शायद इसकी उम्मीद भी नहीं थी कि हमारे पास यह सब है।
साइबर, ड्रोन व मिसाइल सब नाकाम
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की हर मुमकिन कोशिश की है। उसने अपने पास मौजूद हर बेहतरीन असलहे और प्रणाली का इस्तेमाल कर भारत को घेरने की कोशिश की, फिर चाहे वह साइबर हमला हो, ड्रोन हो या मिसाइल...लेकिन हर बार उसके हाथ नाकामी ही आई।
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संदेश साफ...एकता, ताकत और जवाबदेही
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर कर पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया था। जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन कार्रवाई की, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर तो दुश्मन देश के खिलाफ भारत की शुरुआती कार्रवाई भर है। पाकिस्तान ने भारतीय सुरक्षा बलों की क्षमता और हमारी एकजुटता देख ली है। अगर वे लड़ना चाहते हैं, तो भारत मुंहतोड़ करारा जवाब देगा।