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Navy: पाकिस्तान के हथियार खरीदने पर भारत की बढ़ी चिंता, वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने चीन को बताया स्थायी चुनौती

Thu, 27 Nov 2025 04:13 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल के. स्वामीनाथन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान तेजी से हथियार खरीद रहा है, जबकि चीन की बढ़ती आक्रामकता भारत के लिए दीर्घकालिक चुनौती बनी हुई है।
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नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल के. स्वामीनाथन ने कहा है कि मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान दुनिया भर में तेजी से हथियार खरीद रहा है, जो पूरे उपमहाद्वीप के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी चेताया कि चीन अपनी बढ़ती सैन्य क्षमता और आक्रामक रणनीति के चलते भारत के लिए एंड्यूरिंग चैलेंज यानी एक स्थायी चुनौती बना हुआ है। वाइस एडमिरल स्वामीनाथन सुरक्षा सम्मेलन में बोल रहे थे, जिसे ब्रह्मा रिसर्च फाउंडेशन ने मुंबई में आयोजित किया।

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चीन: दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना, तेजी से विस्तार
वाइस एडमिरल ने बताया कि चीन की नौसेना आज दुनिया में सबसे बड़ी हो चुकी है। पिछले सिर्फ 10 वर्षों में उसने भारतीय नौसेना जितना बेड़ा तैयार किया है। उन्होंने कहा चीन न सिर्फ दक्षिण चीन सागर, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भी ज्यादा आक्रामक हो गया है। चीन लगातार 5 से 8 जहाज भारत के आसपास तैनात रखता है- जिनमें युद्धपोत, रिसर्च वेसल, सैटेलाइट ट्रैकिंग शिप और फिशिंग वेसल शामिल हैं। चीन के तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर फुजियान की तैनाती और पांचवीं-छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन, उसकी वैश्विक रणनीतिक मंशा का स्पष्ट संकेत बताते हैं।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान हथियारों पर टूट पड़ा- नौसेना अधिकारी
वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान लगातार हथियार जुटा रहा है। वह भी ऐसे समय में जब उसके नागरिक आर्थिक संकट झेल रहे हैं। उन्होंने कहा पाकिस्तानी सेना दुनिया भर में हथियार और गोला-बारूद खरीद रही है, वो भी अपने देश की आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना। ऑपरेशन सिंदूर भारत का जवाबी सैन्य अभियान था, जिसमें पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों के साथ कई एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था। यह हमला पाहलगाम आतंकी हमले (अप्रैल) के बाद किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।

पाकिस्तान-चीन की मिलीभगत खुलकर सामने आई
भारत के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी ने कहा पाकिस्तान और चीन की जो मिलीभगत हम समझते थे कि गुप्त होगी, वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी तरह खुलकर सामने आ गई। उन्होंने आगे कहा कि तुर्किये का पाकिस्तान को समर्थन, हथियार आपूर्ति और राजनीतिक सियासत करना भी एक नई चुनौती के रूप में उभरा है।
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ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की ‘नई सैन्य क्षमता’ का प्रदर्शन किया
सम्मेलन में मौजूद एयर मार्शल राकेश सिन्हा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि भारत की तीनों सेनाएं (सेना, नौसेना और वायुसेना) पूरी तरह संगठित और तालमेल के साथ काम कर सकती हैं। उनके अनुसार ऑपरेशन सिंदूर ने एक नया संदेश दिया 'भारत अपने समय और स्थान पर निर्णायक जवाब देने में सक्षम है। परमाणु ब्लैकमेल अब काम नहीं करेगा।' उन्होंने बताया कि मल्टी-डोमेन ऑपरेशन में भारतीय ड्रोन और एयरबोर्न वॉर्निंग सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई।

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