बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के विशेष सलाहकार गौहर रिजवी ने शुक्रवार को कहा कि भारत को ये बात साबित करनी होगी कि उत्तर-पूर्वी राज्यों में मौजूद अवैध घुसपैठिए बांग्लादेशी हैं। बता दें कि असम में घुसपैठियों की पहचान करने के लिए राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उत्तर-पूर्व के कई राज्यों ने इस प्रक्रिया को अपने यहां चलाने की मांग की है।
यहां एक कार्यक्रम में पहुंचे रिजवी ने इस मुद्दे पर कहा, वर्तमान में वे लोग (जिनके नाम एनआरसी सूची में नहीं हैं) भारतीय नागरिक हैं और भारत को साबित करना चाहिए कि वे भारतीय नहीं बांग्लादेशी नागरिक हैं। पेशे से इतिहासकार रिजवी ने रोहिंग्याओं की समस्या पर कहा, हमें उत्तर-पूर्वी भारत में रोहिंग्याओं और अवैध प्रवासियों के बीच अंतर करना होगा।
दोनों मामले पूरी तरह भिन्न हैं। उन्होंने आगे कहा, रोहिंग्या जानबूझकर सांस्कृतिक सफाई के तहत म्यामांर से बाहर फेंक दिए गए हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बता दें कि करीब 10 लाख रोहिंग्याओं को इस समय बांग्लादेश में शरण मिली हुई है।