डॉ. एस. जयशंकर
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भारत के रक्षा सचिव अजय कुमार और मालदीव के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर सार्थक बातचीत हुई। हिंद महासागर में चीन के बढ़ते दबदबे की चिंता के बीच पिछले कुछ वर्षों में भारत-मालदीव के द्विपक्षीय रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं। तीसरे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग संवाद में भाग लेने माले पहुंचे कुमार ने ट्वीट कर कहा कि तीसरे रक्षा सहयोग संवाद के लिए मालदीव आकर खुश हूं। बहुत सार्थक चर्चा रही। मेजर जनरल अब्दुल्ला शमाल के आतिथ्य सत्कार की हार्दिक सराहना करता हूं।
वहीं, मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के प्रमुख मेजर जनरल अब्दुल्ला शमाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग संवाद (डीसीडी) एक महत्वपूर्ण घटनाक्त्रस्म है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ऽभारत के रक्षा सचिव अजय कुमार और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का तीसरे रक्षा सहयोग संवाद के लिए स्वागत करते बहुत खुशी हुई। डीसीडी हमारे समयबद्ध रक्षा सहयोग संबंधों की वजह से बहुत अहम है और हम एमएनडीएफ के क्षमता निर्माण के अवसरों को लेकर बहुत खुश हैं।
कुमार ने इसके साथ ही बताया कि भारत द्वीपीय देश में बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए 90,68 (1.2 अरब डॉलर) करोड़ रुपये का कर्ज दे रहा है। इसके अलावा भारत ने कोविड महामारी से बचाव के लिए मालदीव को वैक्सीन मैत्री के तहत टीकों की आपूर्ति की थी।
भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर हुई चर्चा
विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने सोमवार को ओमान के रॉयल नेवी के कमांडर रियर एडमिरल सैफ नासिर अल रहबी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच दौरान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्री के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। इससे पहले केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक फरवरी को ओमान के रक्षा मंत्रालय के महासचिव डॉ. मोहम्मद बिन नासिर बिन अली अल-जाबी से मुलाकात कर रक्षा उद्योग सहयोग बढ़ाने के नए प्रयासों पर चर्चा की।
एलएलसी मुद्दे पर बोला चीन- हम संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखते हैं
- क्वाड की अहम बैठक के बाद चीन ने सोमवार को कहा कि सीमा मुद्दे पर हम हमेशा कहते आए हैं कि हमें उन संधियों और समझौतों का पालन करना चाहिए जिन पर हमने हस्ताक्षर किए हैं। हम संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखते हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार जारी रखेंगे।
- इससे पहले मेलबर्न में शनिवार को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष मारिस पायने के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि जब एक बड़ा देश लिखित प्रतिबद्धताओं की अवहेलना करता है, तो यह पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए वैध चिंता का विषय है।