राहत सामग्री लोड करते हुए जवान
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एक्ट ईस्ट पॉलिसी के अनुरूप भेजी राहत सहायता
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि ऑपरेशन सद्भाव भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के अनुरूप, आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संघ) क्षेत्र के भीतर मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) में योगदान करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। भारत ने वियतनाम को 1000000 अमेरिकी डॉलर और लाओस को 100000 अमेरिकी डॉलर की मानवीय राहत सहायता भेजी है।
विमान में राहत सामग्री लोड करते जवान
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म्यांमार को 10 टन और वियतनाम को 35 टन सहायता भेजी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सूखा राशन, कपड़े और दवाओं सहित 10 टन सहायता भारतीय नौसैनिक जहाज आईएनएस सतपुड़ा पर म्यांमार भेजी गई। भारतीय वायु सेना के सी-17 सैन्य परिवहन विमान ने लाओस तक 10 टन राहत सामग्री पहुंचाई, जबकि वियतनाम को 35 टन सहायता भेजी जा रही है।
जयशंकर ने एक्स पर कहा, 'भारत ने ऑपरेशन सद्भाव लॉन्च किया है। टाइफून यागी से प्रभावित लोगों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए भारत म्यांमार, वियतनाम और लाओस को सहायता भेज रहा है। सूखा राशन, कपड़े और दवाइयों सहित 10 टन सहायता आज भारतीय नौसेना आईएनएस सतपुड़ा से म्यांमार के लिए रवाना हुई।'
राहत सामग्री लोड करते जवान
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जयशंकर ने कहा, वियतनाम को भेजी जा रही राहत साहयता में जल शोधन सामग्री, पानी के कंटेनर, कंबल, रसोई के बर्तन, सौर लालटेन सहित 35 टन सहायता शामिल है। वहीं, लाओस के लिए 10 टन सहायता में जेनसेट, जल शोधन आइटम, स्वच्छता आपूर्ति, मच्छरदानी, कंबल और स्लीपिंग बैग शामिल हैं।