विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान को उसकी पुरानी प्रतिबद्धताओं की याद दिलाते हुए कहा कि उसका रिकार्ड बहुत खराब है। पाकिस्तान के वादा करने पर भारत ने उसे 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में उसे पर्याप्त सबूत दिए थे। लेकिन पिछले दस साल से पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की। लश्करे तोइबा के हाफिज मोहम्मद सईद समेत मुंबई हमले के गुनहगार अब भी पाकिस्तान में खुले में घूम रहे हैं और महफूज हैं। जबकि संयुक्त राष्ट्र ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा रखा है। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकी हमले के मामले में भी पाकिस्तान ने कुछ नहीं किया। रवीश कुमार ने इस संदर्भ में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा नया पाकिस्तान, बदला हुआ पाकिस्तान जैसे दावे को खारिज कर दिया।
दुनिया जानती है पाकिस्तान का सच
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने देश को आतंकवाद से पीडि़त बता रहे हैं। पाकिस्तान का यह दावा सच से कोसो दूर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जो सच है, वह बताने की जरूरत नहीं है। पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवाद को न केवल पनाह देता है, बल्कि उसका नर्व सेंटर है।
रवीश कुमार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के शांति वार्ता जैसे प्रस्ताव को साफ सिरे से खारिज कर दिया। रवीश कुमार ने कहा कि भारत इस तरह की वार्ता के पक्ष में नहीं है। उन्होंने भारत की नीति को दोहराते हुए कहा कि आतंकवाद और समग्र वार्ता प्रक्रिया या शांति बहाली के प्रयास साथ-साथ नहीं चल सकते।