इस्राइली दूत रुएवन अजार ने कहा कि भारत विश्व का नया निर्माता है और गाजा जैसे क्षेत्रों के निर्माण में भी शामिल हो सकता है। सोमवार को ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाकात के बाद गाजा युद्ध समाप्त होने का एलान हो गया और सभी बंधक रिहाई बात बनी है। हालांकि हमास ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गाजा शांति योजना के तहत भारत को मध्य-पूर्व में विकास और पुनर्निर्माण कार्यों में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। इस्राइल के राजदूत रुवेन अजार ने मंगलवार को कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए सकारात्मक भूमिका निभाई है और इसी वजह से नई दिल्ली को गाजा में आर्थिक और निर्माण गतिविधियों में शामिल होने का स्वागत किया जाएगा।
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इस्राइल के राजदूत ने कहा कि भारत गाजा और इस्राइल में विकास और निर्माण परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का नया निर्माता है। जैसे आप भारत का निर्माण कर रहे हैं, वैसे ही हम चाहते हैं कि आप हमारे क्षेत्रों का निर्माण करें। इसके साथ ही अजार ने भारत की मध्य-पूर्व में शांति और विकास में सक्रिय भूमिका की सराहना की।
अधिकारिक और अनौपचारिक जानकारी
राजदूत ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि भारत को शांति योजना के अंतिम रूप से पहले औपचारिक रूप से जानकारी दी गई थी या नहीं, लेकिन कई देशों को अनौपचारिक रूप से सूचित किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत की भागीदारी से आर्थिक और सामाजिक विकास में मदद मिलेगी और इससे क्षेत्रीय स्थिरता को भी बल मिलेगा।
सऊदी अरब और पाकिस्तान पर टिप्पणी
अजार ने हाल ही में सऊदी अरब द्वारा पाकिस्तान के साथ किए गए रक्षा समझौते पर कहा कि यह गल्फ देश का संप्रभु निर्णय है। उनका कहना था कि यह पूरी तरह से उनका निर्णय है कि वे देश की रक्षा कैसे करें। इसका इस्राइल से कोई लेना-देना नहीं है। इसके साथ ही अजार ने भारत और इस्राइल के मधुर संबंधों को रेखांकित किया और कहा कि दोनों देश सुरक्षा, आर्थिक और तकनीकी सहयोग में और बढ़ सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की भागीदारी से गाजा में स्थायी शांति और समृद्धि स्थापित होगी।