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समस्या: ब्लैक फंगस की दवा की कमी से जूझ रहा देश, 5 और कंपनियों को मिला एंफोटेरिसिन-बी बनाने का लाइसेंस

Thu, 27 May 2021 11:20 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश ब्लैक फंगस की एकमात्र दवा एंफोटेरिसिन-बी की भारी कमी से जूझ रहा है। इस समस्या से उबरने के लिए भारत सरकार ने इस दवा के उत्पादन को बढ़ाने के लिए 5 और कंपनियों को लाइसेंस दे दिया है।
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ब्लैक फंगस  (म्यूकरमाइकोसिस) की दवा एंफोटेरिसिन-बी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत में कोरोना वायरस के साथ ही ब्लैक फंगस  (म्यूकरमाइकोसिस) के भी नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। देश इस फंगल इंफेक्शन की एकमात्र दवा एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की कमी से भी जूझ रहा है। इस बीच भारत सरकार के सूत्र ने जानकारी दी है कि  केंद्र ने म्यूकरमाइकोसिस से निपटने के लिए लिपोसोमल एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार ने इस दवा के उत्पादन को बढ़ाने के लिए पांच और कंपनियों को लाइसेंस दिया है, जो इस दवा को बना सकती हैं। 

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प्रधानमंत्री ने दिया निर्देश
सूत्र के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि देश को यह दवा दुनिया में कहीं से भी उपलब्ध कराई जाए। ऐसे में इस दवा की आपूर्ति हासिल करने का कार्य तेजी से होने लगा, जिसके बाद यह दवा संयुक्त राज्य अमेरिका में गिलियड साइंसेज की मदद से हासिल की जा रही है।

गिलियड साइंसेज करेगा दवा की आपूर्ति
भारत सरकार के सूत्र ने बताया कि गिलियड साइंसेज अब मिलान के जरिये भारत को एंफोटेरिसिन-बी की आपूर्ति तेजी से करने पर काम कर रहा है। अब तक 1,21,000 से ज्यादा शीशियां भारत पहुंच चुकी हैं जबकि अन्य 85,000 शीशियां पहुंचने वाली हैं। कंपनी मिलान के माध्यम से भारत को एंफोटेरिसिन-बी की 10 लाख खुराक की आपूर्ति करेगी।
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