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कुलभूषण केस: भारत-पाक की सुनवाई पूरी, इन 3 मुद्दों पर ICJ ने पाक को दिया झटका

Thu, 18 May 2017 03:37 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
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कुलभूषण केस: भारत-पाक की सुनवाई पूरी, इन 3 मुद्दों पर ICJ ने पाक को दिया झटका - फोटो : self
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कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा देने के मामले में भारत द्वारा अपने पक्ष के रखे जाने के बाद पाकिस्तान अपनी बात अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में रख रहा है। पाकिस्तान की ओर से मोअज्जम अहमद खान (एजेंट), मोहम्मद फैसल(एजेंट) और क्यू.सी. खावर कुरैशी (कॉउन्सेल) बहस में पाक का पक्ष रखा। पाक ने अपना पक्ष रखने की शुरुआत में ही अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में 3 बिंदुओं की सहायता से सुनवाई से बचने का बहाना ढूंढा, जिसे अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने खारिज कर दिया। 
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सबसे पहले पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में कहा कि साल 1999 में भारत ने उसके नेवी के जहाज को मार गिराया था, उस मामले पर भारत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया था। जाधव का मुद्दा भी ऐसा ही है। पाकिस्तान को इस बिंदु पर राहत नहीं मिली।

पाकिस्तान ने दूसरा बिंदु रखा कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को उसके राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सुनवाई की हक नहीं है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने पाक के दावे को खारिज कर सुनवाई जारी रखी।
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पाकिस्तान ने साल 1974 के कानून को सामने रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से कहा कि कॉमनवेल्थ सदस्यों के मामले उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान की इस बात को भी खारिज कर मामले की सुनवाई की। इसके बात पाकिस्तान ने इन बिंदुओं के साथ अपनी बात रखी।

1. पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने जाधव के पास मुस्लिम नाम से मिले पासपोर्ट पर कोई सफाई नहीं पेश की। पाक का दावा है कि जाधव के पास मुस्लिम नाम से बना पासपोर्ट मिला है। उसे भारत की ओर से जाधव का जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल सर्टिफिकेट तक नहीं दिया गया।

2. पाकिस्तान ने कहा कि भारत को जब जाधव की फांसी के बारे में जानकारी दी गई, तो भारत की ओर से कोई जवाब नहीं आया। और अब वो इस मामले में पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में खींचकर इस कोर्ट को राजनीतिक थिएटर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

3. पाकिस्तान ने कहा कि कुलभूषण जाधव के मामले में भारत के साथ सारी सूचनाओं को साझा किया गया। हमनें भारत को जाधव मामले के एफआईआर की कॉपी सौंपने के साथ ही जाधव के पासपोर्ट की भी जानकारी दी थी। भारत इस पूरे मामले में कोर्ट का समय खराब कर रहा है।

4. पाकिस्तान का कहना है कि भारत द्वारा जाधव का मामला अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में लाना गैरजरूरी है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को राजनीतिक थिएटर के तौर पर इस्तेमाल किया है। सुनवाई के दौरान पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जाधव का वीडिया चलाने की इजाजत मांगी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। Pakistan's counsel QC Khawar Qureshi speaking in #ICJ #KulbhushanJadhav pic.twitter.com/SkFkZSgEH2 — ANI (@ANI_news) May 15, 2017

भारत ने रखा अपना पक्ष

कुलभूषण जाधव की फांसी के फैसले के विरोध में बलूचों का प्रदर्शन - फोटो : ani
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय(आईसीजे) में भारत ने कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा से बचाने के लिए अपना पक्ष रखा। भारत की तरफ से डॉ. दीपक मित्तल, हरीश साल्वे और काजल भट्ट ने दलीलें पेश की। भारत का मानना है कि कुलभूषण जाधव को फांसी देने की पूरी प्रक्रिया के मामले में पाकिस्तान विएना कंवेंशन की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है। भारत की तरफ से हरीश साल्वे ने ये बातें रखीं... भारत के पास पाकिस्तान के खिलाफ तमाम सबूत हैं। जाधव को अपना बचाव करने का मौका तक नहीं दिया गया। ये मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। पाकिस्तान ने जाधव को उनके अधिकारों के बारे में बताया तक नहीं। जाधव को बिना बताए ही उनपर केस चलाया गया। जाधव को ये भी नहीं पता था कि वो किस मामले में आरोपी हैं। जाधव का अपहरण कर उनपर आरोप थोपे गए। उनसे जो स्वीकारोक्ति कराई गई, वो दबाव में थी।  भारत चाहता है कि पाकिस्तान द्वारा जाधव की फांसी की सजा पर तुरंत रोक लगाई जाए।  पाकिस्तान भारत के उस आरोप का खंडन कर रहा है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान द्वारा जारी किए गए टेप से छेड़छाड़ की बात कह रहा है।
भारत की तरफ से अपना पक्ष रखने के बाद हरीश साल्वे ने कहा कि उन्हें न्याय की उम्मीद है।
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अबतक भारत ने ये तथ्य सामने रखे हैं...

कुलभूषण जाधव
1. भारत ने आरोप लगाया की पाकिस्तानी सेना या उसकी सरकार ने इस मुद्दे की किसी भी बात की कोई जवाब नहीं दिया। पाकिस्तान की ओर से न इस मामले की चार्जशीट, सबूत, फैसला की कॉपी या किसी भी भी प्रकार का कोई दस्तावेज नहीं दिया गया। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मामले से जुड़ी किसी भी बात का जवाब नहीं दिया।

2. डॉ. मित्तल ने कहा ने कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव का माता-पिता को भी वीजा नहीं दिया। उन्होंने लंबे समय से पाकिस्तान वीजा के लिए अप्लाई किया था, मगर पाकिस्तान ने उनकी वीजा अप्लीकेशन पर कोई जवाब नहीं दिया।

3. डॉ. मित्तल ने पाकिस्तान में मिलिट्री कोर्ट ट्रायल का जिक्र करते हुए कहा कि पाक सेना सजा-ए-मौत सुनाने में काफी जल्दबाजी दिखाती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जाधव के कथित 'कबूलनामे' के आधार पर उसे आतंकवादी करार देकर सजा सुना दी।

4. कोर्ट में हरीश साल्वे ने वियेना संधि का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन किया है। जाधव को गिरफ्तार करने के बाद पाकिस्तान ने भारत को इस बारे में नहीं बताया। इसके अलावा पाक ने भारत को किसी भी तरह जाधव की मदद करने से रोका।

5. पाकिस्तान ने कहा कि जाधव कॉन्सुलर एक्सेस का हकदार नहीं है। भारत ने कानून और संधियों की लगातार हो रही अनदेखी के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसलो की अवमानना कर रहा है।

6. भारत की ओर हरीश साल्वे ने वियेना संधि के उल्लंघन के कई मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इस केस में जाधव को अगवा किया है और उसके खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है। भारत ने कहा कि जाधव को बचाने के कई रास्ते हैं, मगर भारत उन्हें सुनना नहीं चाहता।

7. हरीश साल्वे ने पाकिस्तानी मिलिट्री कोर्ट फैसले की कॉपी की मांग की। उन्होंने कहा कि जाधव का कबूलनामा जबरन लिया गया। उन्होंने कहा कि जाधव कोई आतंकवादी नहीं है, पाकिस्तान ने उन्हें आतंकवादी घोषित किया है।

8. भारत ने मांग की पाकिस्तान के फैसले को नष्ट किया जाए। भारत ने कहा कि पाकिस्तान के फैसले को भंग किया क्योंकि इसकी की कानूनी मान्यता नहीं है। पाकिस्तान ने मनमाने ढंग से फैसला सुनाया है।

9. भारत ने कहा कि पहली दृष्टि में यह वियेना संधि को तोड़ता है। पाकिस्तान ने बार बार भारत की बात को अनसुना किया। पाकिस्तान ने भारत से बातचीत करने की कोशिश तो दूर, बात करना भी जरूरी नहीं समझा।

10. भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने कॉन्सुलर एक्सेस न देकर मानवाधिकारों का हनन किया है। यह मावनाधिकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों की आम सहमति से बनाए गए हैं। जाधव को खुद को बचाने का मौका मिलना चाहिए।
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