कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा देने के मामले में भारत द्वारा अपने पक्ष के रखे जाने के बाद पाकिस्तान अपनी बात अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में रख रहा है। पाकिस्तान की ओर से मोअज्जम अहमद खान (एजेंट), मोहम्मद फैसल(एजेंट) और क्यू.सी. खावर कुरैशी (कॉउन्सेल) बहस में पाक का पक्ष रखा। पाक ने अपना पक्ष रखने की शुरुआत में ही अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में 3 बिंदुओं की सहायता से सुनवाई से बचने का बहाना ढूंढा, जिसे अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने खारिज कर दिया।
सबसे पहले पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में कहा कि साल 1999 में भारत ने उसके नेवी के जहाज को मार गिराया था, उस मामले पर भारत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया था। जाधव का मुद्दा भी ऐसा ही है। पाकिस्तान को इस बिंदु पर राहत नहीं मिली।
पाकिस्तान ने दूसरा बिंदु रखा कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को उसके राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सुनवाई की हक नहीं है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने पाक के दावे को खारिज कर सुनवाई जारी रखी।
पाकिस्तान ने साल 1974 के कानून को सामने रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से कहा कि कॉमनवेल्थ सदस्यों के मामले उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान की इस बात को भी खारिज कर मामले की सुनवाई की। इसके बात पाकिस्तान ने इन बिंदुओं के साथ अपनी बात रखी।
1. पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने जाधव के पास मुस्लिम नाम से मिले पासपोर्ट पर कोई सफाई नहीं पेश की। पाक का दावा है कि जाधव के पास मुस्लिम नाम से बना पासपोर्ट मिला है। उसे भारत की ओर से जाधव का जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल सर्टिफिकेट तक नहीं दिया गया।
2. पाकिस्तान ने कहा कि भारत को जब जाधव की फांसी के बारे में जानकारी दी गई, तो भारत की ओर से कोई जवाब नहीं आया। और अब वो इस मामले में पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में खींचकर इस कोर्ट को राजनीतिक थिएटर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
3. पाकिस्तान ने कहा कि कुलभूषण जाधव के मामले में भारत के साथ सारी सूचनाओं को साझा किया गया। हमनें भारत को जाधव मामले के एफआईआर की कॉपी सौंपने के साथ ही जाधव के पासपोर्ट की भी जानकारी दी थी। भारत इस पूरे मामले में कोर्ट का समय खराब कर रहा है।
4. पाकिस्तान का कहना है कि भारत द्वारा जाधव का मामला अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में लाना गैरजरूरी है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को राजनीतिक थिएटर के तौर पर इस्तेमाल किया है। सुनवाई के दौरान पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जाधव का वीडिया चलाने की इजाजत मांगी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।
Pakistan's counsel QC Khawar Qureshi speaking in #ICJ #KulbhushanJadhav pic.twitter.com/SkFkZSgEH2
— ANI (@ANI_news) May 15, 2017