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Heart Disease: 15 से 29 साल के 3.4% मरीज हृदय रोग के कारण अस्पताल में भर्ती; मधुमेह, उच्च रक्तचाप भी बड़ा खतरा

Thu, 30 Apr 2026 06:18 AM IST
अमन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क

सार

एनएसओ की स्वास्थ्य रिपोर्ट में हृदय रोग देश में बड़ी चिंता बनकर उभरी हैं। युवाओं में भी दिल से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। शहरों में इनका असर ज्यादा है।
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हृदय रोग - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से जारी पारिवारिक सामाजिक उपभोग स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, हृदय रोग के बाद मधुमेह और अन्य मेटाबोलिक यानी शरीर की ऊर्जा और पोषण प्रक्रिया से जुड़ी बीमारियों के 3,681 मामले सामने आए। सांस की बीमारियां 1,536 और हड्डी-जोड़ संबंधी समस्याएं 1,226 दर्ज की गईं। हृदय रोगों में हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, छाती में दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं शामिल हैं। इनमें केवल हाइपरटेंशन की शिकायत करने वालों की संख्या प्रति एक लाख आबादी पर 3,358 रही, जबकि अन्य हृदय रोगों के मामले 533 दर्ज किए गए। स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अब युवा वर्ग भी हृदय रोगों से अछूता नहीं है। अस्पताल में भर्ती होने वाले 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में सबसे अधिक 27 प्रतिशत मामले संक्रमण से जुड़े थे, लेकिन इसी आयु वर्ग में 3.4 प्रतिशत लोग हृदय रोग के कारण अस्पताल में भर्ती हुए। ब्यूरो
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शहरों में अधिक, पुरुषों में ज्यादा असर
ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग के कारण अस्पताल में भर्ती होने की हिस्सेदारी पुरुषों में 11.5 प्रतिशत, महिलाओं में 9.0 प्रतिशत और कुल मिलाकर 10.3 प्रतिशत रही। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह पुरुषों में 13.2 प्रतिशत, महिलाओं में 10.5 प्रतिशत और कुल मिलाकर 11.9 प्रतिशत दर्ज की गई। शहरों में दिल की बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने के मामले गांवों की तुलना में अधिक हैं और पुरुषों में यह जोखिम महिलाओं से ज्यादा दर्ज किया गया।

हृदय रोग का कैंसर और किडनी फेल के बाद सबसे महंगा इलाज
हृदय रोग सबसे महंगे इलाज वाले रोगों में शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में हृदय रोगों के इलाज पर औसतन 69,451 रुपये खर्च आता है। हालांकि कैंसर का औसत खर्च 1,04,424 रुपये, किडनी फेल्योर 71,246 रुपये और मस्कुलो-स्केलेटल यानी मांसपेशी और हड्डी संबंधी समस्याओं पर 76,106 रुपये खर्च आता है, जो हृदय रोगों से भी अधिक है।
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