बांग्लादेश के हालात पर भारत की नजर: विदेश मंत्री ने पीएम को दी जानकारी
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बांग्लादेश में स्थिति अभी सामान्य नहीं है। देश में आरक्षण को लेकर भड़की हिंसा बड़ी मुश्किल से थम थी। लेकिन उसके बाद हसीना सरकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने एक बार फिर से देश को हिंसा की आग में झोंक दिया है। अभी देश में अनिश्चितता का माहौल है, क्योंकि देश की प्रधानमंत्री सुरक्षा कारणों से पहले देश छोड़ा, फिर सेना के हवाले से जानकारी मिली कि शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनकी 15 साल की सत्ता समाप्त हो गई।
फिलहाल बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में हैं। आज शाम वे बांग्लादेश वायुसेना के विमान से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंची थी। इस दौरान उनके साथ उनकी छोटी बहन शेख रेहाना भी साथ आयी हैं। जानकारी के मुताबिक शेख हसीना के साथ वायुसेना के विमान में कुछ सामान भी लाया गया है। बता दें कि शेख हसीना देश छोड़ने से पहले एक भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थी, लेकिन उन्हें इसका मौका नहीं मिला।
शेख हसीना को NSA ने किया रिसीव
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की है। जानकारी के मुताबिक शेख हसीना के आने से पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एयरबेस पर पहुंच गए थे। वे लगभग दो घंटे एयरफोर्स स्टेशन पर रहे। उन्होंने एयरबेस पर शेख हसीना को रिसीव किया था, इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी हिंडन एयरबेस पर मौजूद थे।
विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को दी जानकारी
वहीं बांग्लादेश में हिंसा के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे और देश छोड़ने की घटनाओं के साथ बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी है। जबकि लोकसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच बांग्लादेश के हालात पर चर्चा हुई है।
15 दिन के विरोध प्रदर्शनों में 300 लोगों की मौत
बता दें कि शेख हसीना सरकार के खिलाफ एक पखवाड़े के भीतर हुए विरोध प्रदर्शनों में 300 से अधिक लोग मारे गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने विवादास्पद कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग की, जिसके तहत 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले दिग्गजों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत का आरक्षण था। बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की बेटी शेख हसीना 2009 से बांग्लादेश में शासन कर रही थीं। वह लगातार चौथी बार और कुल मिलाकर पांचवीं बार प्रधानमंत्री चुनी गईं थी।