प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से फोन करके बात की और बाढ़ से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए सहायता की पेशकश की। नेपाल में बड़े स्तर पर बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अभी तक 120 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 35 लोग लापता हैं।
नेपाल में भारी बारिश की वजह से 60 लाख से अधिक लोग परेशान हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि भारी की वजह से आए बाढ़ की वजह से मरने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री ने संवेदना प्रकट की और राहत से संबंधित सभी प्रकार की मदद करने की पेशकश भी की।
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बाढ़ पर लगातार संपर्क में हैं नेपाल - भारत
बिहार और उत्तर प्रदेश में आई भीषण बाढ़ से उपजे हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार ही नहीं दोनों राज्यों की एजेंसियां भी लगातार नेपाल के संपर्क में हैं। बाढ़ के दौरान ही सार्क सम्मेलन में शिरकत करने नेपाल गईं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मुद्दे पर वहां के प्रधानमंत्री से बात की थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर केंद्र सरकार ही नहीं बल्कि दोनों राज्य सरकारें भी नेपाल की एजेंसियों से सूचनाएं साझा कर रही हैं।
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गौरतलब है कि इन राज्यों के कुछ हिस्सों में हर साल आने वाले बाढ़ के लिए नेपाल को जिम्मेदार माना जाता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण इन दोनों प्रदेशों को उसकी ओर से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ की विभीषिका का सामना करना पड़ता है।
समाधान के लिए दोनों देश लगातार एक दूसरे के संपर्क में हैं। नेपाल दौरे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मुद्दे पर नेपाल के प्रधानमंत्री सहित कई अन्य शीर्षस्थ नेताओं से बात की थी। इसके अलावा इन दोनों राज्यों की एजेंसियां भी लगातार नेपाल के संपर्क में है।