पाकिस्तान में सरकार समर्थक एक समाचार पत्र में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पठानकोट एयरबेस पर भारत ने खुद हमला करवाया था, जिससे कि दुनिया में पाकिस्तान को बदनाम किया जा सके। इस रिपोर्ट के समाने आने के बाद आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की ढुलमुल नीति की चर्चा फिर से होने लगी है।
भारत में एक सरकारी सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान समर्थक समाचार पत्र की रिपोर्ट से पता चलता है कि आईएसआई और पाकिस्तान की सेना दोमुंहा रवैया अपना रही है। हमने पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) को अकाट्य साक्ष्य उपलब्ध करवाए थे।
पाकिस्तानी अखबार पाकिस्तान टुडे में छपी रिपोर्ट में जेआईटी के एक सदस्य के हवाले से कहा गया है कि पठानकोट पर हमला जैसी कोई बात ही नहीं है। यह पाकिस्तान के खिलाफ द्वेषपूर्ण प्रचार का भारत का एक हथकंडा है।
भारतीय एजेंसियों के पास उनके दावे को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले के कुछ ही घंटे के भीतर भारतीय सुरक्षा बलों ने सभी हमलावरों को मार गिराया था, लेकिन दुनिया का ध्यान खींचने के लिए उन्होंने तीन दिनों तक ड्रामा जारी रखा, जिससे कि पाकिस्तान को बदनाम किया जा सके।
पाक मीडिया की इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए भारत सरकार के एक अन्य सूत्र ने कहा कि जेआईटी को जो सबूत दिए गए हैं वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य हैं। उन्होंने कहा कि जेआईटी ने जो भी जानकारी मांगी, उसे उपलब्ध करवाई गई। इसमें गवाहों के बयान की प्रमाणीकृत प्रति, चारों आतंकवादियों की डीएनए रिपोर्ट सहित तमाम चीजें शामिल हैं।