विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात के फोकल प्वाइंट्स की बैठक वर्चुअली संपन्न हुई है। इस दौरान त्रिपक्षीय सहयोग की प्रगति पर चर्चा की गई है। इन क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था, अवसंरचना, नवाचार, ऊर्जा, पर्यावरण, संस्कृति, शिक्षा और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान समेत सहयोग शामिल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक्स पर दी जानकारी
बता दें कि तीनों देशों के अधिकारियों के बीच ये चर्चा पिछले साल सहमत संयुक्त रोडमैप के अनुसार सहयोग पर केंद्रित थी। वहीं विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, भारत-फ्रांस-यूएई त्रिपक्षीय फोकल प्वाइंट बैठक वर्चुअली आयोजित की गई। इस दौरान चर्चा में फरवरी 2023 में सहमत संयुक्त रोडमैप के अनुसार त्रिपक्षीय सहयोग में प्रगति को शामिल किया गया।
सितंबर 2022 में हुई थी तीनों विदेश मंत्रियों की मुलाकात
वहीं विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार, फरवरी 2023 की शुरुआत में विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने भारत-फ्रांस-यूएई त्रिपक्षीय वार्ता में भाग लिया और रक्षा, ऊर्जा और पर्यावरण, नवाचार और लोगों के बीच आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। यह बैठक भारत-फ्रांस-यूएई के विदेश मंत्रियों की तरफ से 4 फरवरी, 2023 को टेलीफोन कॉल के दौरान एक रोडमैप को अपनाने के बाद हुई। जबकि तीनों विदेश मंत्रियों ने पहली बार सितंबर 2022 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान त्रिपक्षीय प्रारूप में मुलाकात की थी। तीनों देशों के विदेश मंत्री अंतरराष्ट्रीय स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने और तीनों देशों के बीच मौजूद रचनात्मक और सहयोगी संबंधों को और आगे बढ़ाने की अपनी साझा इच्छा की स्वीकृति में आपसी हित के कई क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के उद्देश्य से एक औपचारिक त्रिपक्षीय सहयोग पहल स्थापित करने पर सहमत हुए।
ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग, डिजाइन पर सहमति
एस साझा बयान के अनुसार उस समय तीनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए थे कि त्रिपक्षीय पहल ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग परियोजनाओं के डिजाइन और निष्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी, जिसमें सौर और परमाणु ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और जैव विविधता की सुरक्षा, विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए, तीनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण और जैव विविधता पर ठोस, कार्रवाई योग्य परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) के साथ काम करने की संभावना तलाशने की योजना बनाई। वहीं साझा बयान में आगे बताया गया कि त्रिपक्षीय पहल तीनों देशों की विकास एजेंसियों के बीच टिकाऊ परियोजनाओं पर सहयोग बढ़ाने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी।
कई त्रिपक्षीय कार्यक्रम पर भी सहमति
भारत-फ्रांस-यूएई ने सहमति व्यक्त की कि वे पेरिस समझौते के उद्देश्यों के साथ अपनी-अपनी आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक नीतियों के अधिक संरेखण को सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। वहीं बयान में कहा गया था, कि इन प्रयासों के समर्थन में, 2023 में भारत G20 की अध्यक्षता और UAE की तरफ से COP-28 की मेजबानी के ढांचे में कई त्रिपक्षीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। तीनों देश UAE के नेतृत्व में मैंग्रोव एलायंस फॉर क्लाइमेट और भारत और फ्रांस के नेतृत्व में इंडो-पैसिफिक पार्क पार्टनरशिप जैसी पहलों के माध्यम से अपने सहयोग का विस्तार करने पर भी सहमत हुए।