सार
भारतीय स्टार्टअप पिक्सल और फ्रांसीसी कंपनी एक्सोट्रेल ने उपग्रह इंजनों के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मौजूदगी में हुए इस करार के तहत पिक्सल अपने सैटेलाइट्स में फ्रांसीसी 'थ्रस्टर' तकनीक का इस्तेमाल करेगा। यह साझेदारी अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते तकनीकी रिश्तों को मजबूत करेगी।
पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से की मुलाकात
- फोटो : ANI
भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप 'पिक्सल स्पेस' और फ्रांसीसी कंपनी 'एक्सोट्रेल' ने एक बड़ा समझौता किया है। इस करार के तहत पिक्सल अपने उपग्रहों (सैटेलाइट्स) को अंतरिक्ष में भेजने और उन्हें सही जगह पर बनाए रखने के लिए एक्सोट्रेल के खास इंजन का इस्तेमाल करेगा। इन इंजनों को 'थ्रस्टर' कहा जाता है।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मौजूदगी में हुआ करार
इस साझेदारी का ऐलान मंगलवार को मुंबई में 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर' के दौरान हुआ। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद थे। पिक्सल अपने भविष्य के उपग्रहों में एक्सोट्रेल के 'स्पेसवेयर' नाम के इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम को लगाएगा। इन इंजनों की सप्लाई 2027 तक जारी रहेगी। थ्रस्टर का मुख्य काम उपग्रह को अंतरिक्ष में उसकी तय कक्षा (ऑर्बिट) तक पहुंचाना और वहां उसे स्थिर रखना होता है।
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क्या बोले कंपनी के सीईओ?
पिक्सल स्पेस के संस्थापक और सीईओ अवैस अहमद ने कहा कि इस साझेदारी से अंतरिक्ष प्रणालियों को बेहतर और कुशल बनाने की उनकी योजना मजबूत होगी। यह भारत और फ्रांस के अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का भी प्रतीक है। वहीं, एक्सोट्रेल के सीईओ जीन-ल्यूक मारिया ने इसे अपनी कंपनी के लिए बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि उनका 'स्पेसवेयर' सिस्टम दुनिया के बेहतरीन समाधानों में से एक है, जो पृथ्वी के अवलोकन के बढ़ते बाजार में मददगार साबित होगा।
क्या है पिक्सल भारतीय स्पेस?
पिक्सल बंगलूरू का एक स्टार्टअप है। यह दुनिया के सबसे हाई-रिजॉल्यूशन वाले 'हाईपरस्पेक्ट्रल' उपग्रह बना रहा है। ये उपग्रह खेती, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषयों पर नजर रखेंगे। पिक्सल ने भारत की पहली निजी पृथ्वी अवलोकन प्रणाली भी तैयार की है। यह कंपनी भारतीय वायुसेना के लिए भी उपग्रह बनाती है, जिसके लिए सरकार से अनुदान मिलता है। दूसरी ओर, फ्रांसीसी कंपनी एक्सोट्रेल छोटे उपग्रहों के लिए आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजन बनाने में माहिर है।
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