विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना और यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने बातचीत के दौरान शिक्षा, व्यापार, समुद्री परिवहन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए शिक्षा, व्यापार, संस्कृति और हरित ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रियों ने शनिवार को फोन पर बातचीत की और रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को और बढ़ावा देने के प्रयासों को लेकर चर्चा की। साथ ही तीनों देशों के रक्षा बलों के बीच सहयोग और प्रशिक्षण के लिए योजना पर विचार किया। भारत, फ्रांस और यूएई त्रिपक्षीय सहयोग पहल शुरू करने पर सहमत हुए हैं।
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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना और यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने बातचीत के दौरान शिक्षा, व्यापार, समुद्री परिवहन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए शिक्षा, व्यापार, समुद्री, संस्कृति और हरित ऊर्जा में सहयोग पर चर्चा की।
इससे पहले, तीनों विदेश मंत्रियों ने पहली बार त्रिपक्षीय प्रारूप के तहत पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर मुलाकात की थी। तब तीनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के उद्देश्य से एक औपचारिक त्रिपक्षीय सहयोग पहल स्थापित करने पर सहमत हुए थे। साथ ही तीन देशों के बीच रचनात्मक और सहयोगात्मक संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी।
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इसी कड़ी में शनिवार को तीनों मंत्रियों के बीच इस पहल को लागू करने के लिए रोडमैप तैयार के लिए फोन पर बातचीत हुई। संयुक्त बयान में कहा गया है कि फोन पर बातचीत के दौरान, तीनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि त्रिपक्षीय सहयोग पहल सौर और परमाणु ऊर्जा पर ध्यान देने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग परियोजनाओं के डिजाइन और लागू करने को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी। साथ ही साथ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और जैव विविधता के संरक्षण में भी सहयोग करेगी।
बयान में कहा गया है कि इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए तीनों पक्ष स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण और जैव विविधता पर ठोस, कार्रवाई योग्य परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) के साथ काम करने की संभावना तलाशेंगे। त्रिपक्षीय पहल स्थायी परियोजनाओं पर तीन देशों की विकास एजेंसियों के बीच सहयोग का विस्तार करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी। साथ ही तीनों देश इस बात पर सहमत हुए कि वे पेरिस जलवायु समझौते के उद्देश्यों के साथ अपनी संबंधित आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक नीतियों को सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे।