पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बीते डेढ़ साल से जारी सीमा गतिरोध को शांत करने की तमाम कोशिशों के बीच चीन चालाकी से बाज नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख में एलएसी के सामने अक्साई चीन इलाके में पड़ोसी एक नया हाईवे बना रहा है और मिसाइल रॉकेट रेजिमेंट भी तैनात कर रहा है। इस हाईवे को विभिन्न संपर्क मार्गों से जोड़ा जाएगा, ताकि युद्ध की स्थिति में चीनी सैनिक झट से मोर्चे पर पहुंच सकेंगे।
चीन सीमा के करीब भारी मात्रा में हथियार पहुंचाने की हिमाकत से भी बाज नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एलएसी के पास अब भी बड़े पैमाने पर सैन्य ढांचे तैयार किए जा रहे हैं। तिब्बत के क्षेत्र में सैन्य चौकियां बनाई जा रही हैं, ड्रोन से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है और यहां मिसाइल लॉन्चर व रॉकेट रेजिमेंट पहुंचाई जा रही हैं।
नई हवाई पट्टियां भी हो रहीं तैयार
सूत्रों के मुताबिक, चीन सीमापार काशगर, गर गुंसा और होटन जैसे प्रमुख हवाई बेस के अलावा कई नई हवाई पट्टियां भी तैयार कर रहा है। इससे उसे हवाई हमले में बढ़त मिलने की आशंका है। चीन की यह तैयारी भारत के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
तिब्बती जवानों की नियुक्ति भी बढ़ी
चीन हथियारों के साथ अपने जवानों की जमात भी बढ़ा रहा है। इसके लिए सीमा के पास तिब्बती युवाओं को सेना में भर्ती किया जा रहा है। इन्हें वहां सैन्य बेस में हैन टुकड़ियों के साथ तैनात भी किया जा रहा है। दरअसल, इस इलाके में उसके सैनिकों के लिए मौसमी चुनौतियों से निपटना थोड़ा मुश्किल होता है, लिहाजा वह उस जमीन के लोगों को ही पड़ोसी मुल्क के खिलाफ इस्तेमाल करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
चिंता की मुख्य वजह- चीन की तैयारी पहले से सुधरी
भारत के लिए चीन की यह सभी गतिविधियां इसलिए भी चिंता का प्रमुख कारण हैं क्योंकि पिछले साल के मुकाबले सीमा पर चीन की तैयारी पहले से काफी सुधर गई है। नया हाईवे तैयार होने से उसके सैनिक कम समय के भीतर मोर्चे पर पहुंच सकते हैं, हथियारों की वहां कोई कमी नहीं है, निगरानी व्यवस्था भी मजबूत हुई है और ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में मौसमी चुनौतियों से निपटने के लिए स्थानीय जवानों की फौज भी तैयार है।
पिछले साल की सर्दियों की तुलना में चीनी सेना अधिक तैयार
सूत्रों के अनुसार, पिछले साल की सर्दियों की तुलना में चीनी सेना आश्रय और सड़क संचार को लेकर बेहतर रूप से तैयार हो गई है। सूत्रों ने बताया कि तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के निकट पीएलए नियंत्रित क्षेत्र में रॉकेट और मिसाइल रेजिमेंट तैनात किए गए हैं।
सैन्य कमांडरों की बैठक में भारत ने उठाया है यह मुद्दा
चीन की इस चालाकी को भांपते हुए हाल ही में हुई दोनों देशों के शीर्ष सैन्य कमांडरों की बैठक में भी भारत ने इस मुद्दे को उठाया है। भारत ने दो टूक इसका विरोध किया और चीन से अपनी हरकतों पर लगाम कसने को कहा है।