भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई है। बुधवार रात तक केवल 10 शहरों में कोविड-19 के 330,725 सक्रिय मामले दर्ज किए गए थे। इसका एक तिहाई हिस्सा अकेले महाराष्ट्र में था। विश्लेषण से पता चलता है कि वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरी केंद्र और शहरी जिले हैं।
देश के 10 शहरों में कोरोना के 52.7 प्रतिशत सक्रिय मामले हैं। सक्रिय मामले, जिनका इलाज चल रहा है एक महत्वपूर्ण मीट्रिक है क्योंकि यह सीधे किसी भी क्षेत्र में स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर दबाव को दर्शाता है। बुधवार रात तक देश में कोरोना के 968,405 मामले दर्ज किए गए थे। इसमें से 330,725 सक्रिय मामले थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ज्यादातर राज्य शहर आधारित नहीं बल्कि जिला आधारित संख्या को जारी करते हैं। जिन दस जिलों में सबसे ज्यादा सक्रिय मामले हैं उनमें से आठ शहरी जिले हैं। सक्रिय मामलों की कुल संख्या के लिहाज से पांच सबसे प्रभावित शहरों में से तीन महाराष्ट्र में हैं। यह पश्चिमी भारतीय राज्य में वायरस के प्रसार से उभरने वाली संख्या को उजागर करता है।
यह भी पढ़ें- कोरोना जांच के लिए सैंपल देने के बाद 'गायब' हुआ मरीज, पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर मचा हड़कंप
ठाणे में सक्रिय मामलों की संख्या 34,721 है जो देश में सबसे ज्यादा है। दूसरे नंबर पर हैदराबाद है जहां 28,783 सक्रिय मामले हैं। तीसरे नंबर पर पुणे है जहां सक्रिय मामलों की संख्या 25,510 है और 22,888 सक्रिय मामलों के साथ मुंबई चौथे स्थान पर है। 10 शहरों में सक्रिय मामलों की संख्या के लिहाज से दिल्ली में 15.2 प्रतिशत सक्रिय मामले हैं। वहीं अहमदाबाद दसवें स्थान पर हैं।
राज्यों के संदर्भ में, 112,099 सक्रिय संक्रमणों के साथ महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या सबसे अधिक है। इसका मतलब है कि देश के कुल सक्रिय मामलों से एक तिहाई केवल महाराष्ट्र से हैं। वहीं देश में कोरोना से हुई मौतों में से महाराष्ट्र में 28 प्रतिशत हुई हैं। इसके बाद तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक और गुजरात का नंबर आता है।