15 जून की शाम और रात में लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों में हुई झड़प चीनी सैनिकों के एकतरफा प्रयास के कारण हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीन के सैनिकों की तरफ से यथास्थिति को न मानने का प्रयास हुआ और इसके कारण टकराव की नौबत आई।
इसमें दोनों तरफ के सैनिक मारे गए, घायल हुए। जबकि दोनों तरफ से उच्च स्तर पर बन रही सहमति के आधार पर इसे टाला जा सकता था।
भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करता है
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वह बहुत जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा का पूरा सम्मान करता है। भारत की सभी गतिविधियां वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भीतर और भारत की तरफ होती है।
उन्होंने कहा कि हम चीन से भी इसी तरह के आचरण के अपेक्षा करते हैं। पड़ोसी देश को भी चाहिए कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करे।
संवाद के जरिए समाधान और संप्रभुता, क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत सीमा पर शांति बनाए रखने का पक्षधर है। भारत सीमा विवाद के किसी भी मुद्दे का शांति और संवाद के जरिए समाधान का पक्षधर है।
उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों को इसी माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि जहां तक प्रश्न क्षेत्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता का है तो भारत इसी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।