पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव को कम करने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य स्जर की वार्ता की तारीख तय कर दी गई है। दोनों देशों की वरिष्ठ सर्वोच्च सैन्य कमांडर स्तर (एसएचएमसीएल) वार्ता का 14वां दौर 12 जनवरी की सुबह शुरू होगा। वार्ता चीन की ओर चुशुल-मॉल्डो में होगी। इस दौरान भारत सीमा विवाद को लेकर जारी तनाव को कम करने की कोशिश करेगा। भारतीय सेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
सैन्य प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भारत पूर्वी लद्दाख में विवाद वाले स्थानों पर मुद्दों को हल करने के लिए चीन के साथ सार्थक बातचीत की उम्मीद कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच 20 महीने के विवाद पर 14वें दौर की सैन्य वार्ता होने जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ उच्च सैन्य कमांडर स्तरीय वार्ता सुबह साढ़े नौ बजे शुरू होगी। भारत टकराव वाले क्षेत्रों में मुद्दों को हल करने के लिए सार्थक बातचीत की उम्मीद कर रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि बातचीत मुख्य रूप से हॉट स्प्रिंग्स इलाके में सैनिकों को हटाने पर केंद्रित होगा। ऐसी उम्मीद है कि भारत देपसांग बल्ज और डेमचोक में मुद्दों को हल करने समेत बाकी के टकराव वाले सभी स्थानों पर जल्द से जल्द सेना को हटाने पर जोर देगा।
भारत और चीन के बीच 13वें दौर की वार्ता 10 अक्टूबर 2021 को हुई थी और यह वार्ता बेनतीजा रही थी। भारत और चीन 18 नवंबर को वर्चुअल कूटनीतिक वार्ता में 14वें दौर की सैन्य वार्ता करने पर राजी हुए थे ताकि पूर्वी लद्दाख में बाकी के टकराव वाले स्थानों पर पूरी तरह से सेना को हटाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग झील इलाके में हिंसक झड़प के बाद पांच मई 2020 को पूर्वी लद्दाख की सीमा पर गतिरोध पैदा हो गया था।