फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

70 के दशक के बाद चीन सीमा पर घटी इतनी बड़ी घटना, भारतीय सेना के तीन जवान शहीद

Tue, 16 Jun 2020 02:35 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
भारत चीन के बीच लद्दाख में हुई हिंसक झड़प - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी सीमा विवाद चरम पर पहुंच गया है। सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक अधिकारी सहित दो जवान शहीद हो गए हैं। 70 के दशक के बाद यह पहली बार है जब एलएसी पर भारतीय जवान शहीद हुए हैं।

विज्ञापन

 


70 के दशक के बाद इतनी बड़ी घटना  
1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था। इसके बाद दोनों देशों की तरफ से आखिरी गोलीबारी 1967 में हुई थी, लेकिन इसके 8 साल बाद भी चीन ने घात लगाकर हमला किया था। 1975 के इस हमले में चार भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। तब भारत सरकार ने कहा था कि चीन ने सीमा लांघी है, लेकिन हरबार की तरह चीन ने इससे इनकार किया था।

गलवां घाटी उन क्षेत्रों में से एक है जहां चीनी सेना ने घुसपैठ की थी। दोनों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद चीनी सेना कुछ स्थानों से पीछे हटनी शुरू हो गई थी। मगर हालिया घटना घटने के बाद सीमा विवाद के और बढ़ने की संभावना है।

विज्ञापन


चीन ने एलएसी पर पैदा किया तनाव
मई की शुरुआत में चीनी सैनिकों ने एलएसी पर आक्रामक रुख अपनाना शुरू कर दिया था। पूर्वी पूर्वी लद्दाख में चार जगहों पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने घुसपैठ की। चीनी सैनिक बड़ी संख्या में तोपें और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ एलएलसी के पास मौजूद हैं। गलवां घाटी और पेंगोंग त्सो झील दो मुख्य क्षेत्र हैं जहां दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने खड़ी हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें