भारत और चीन द्वारा पूर्वी लद्दाख इलाके में अपनी सेनाएं सफलतापूर्वक हटाने के बाद अब दोनों देशों के बीच इसी हफ्ते आगे की वार्ता होगी। इसमें गोगरा घाटी व डेपसांग के मैदानी इलाकों से दोनों देशों की सेना की वापसी पर चर्चा होगी।
सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह हुई राजनयिक स्तर की वार्ता के बाद अब दोनों देशों के सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता होगी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इसमें दमचक के पास गोगरा घाटी व डेपसांग तथा सीएनसी जंक्शन क्षेत्र से सेना की वापसी पर विचार किया जाएगा।
10 दौर की वार्ता के बाद बनी सेना वापसी पर सहमति
बता दें, भारत-चीन के बीच करीब एक साल तक पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के समीप सैन्य गतिरोध कायम रहा। इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच झड़प भी हुई। इसमें दोनों ओर के कुछ जवान हताहत हुए।
पैंगोंग झील के आसपास के इलाके पर कब्जे को लेकर दोनों देशों में सबसे ज्यादा तकरार हो रही थी। आखिरकार भारत-चीन के सैन्य व राजनीतिक स्तर पर गहन चर्चा के बाद चरणबद्ध ढंग से सेना वापस बुलाने पर सहमति बनी। इसमें सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे और एनएसए अजित डोवाल की अहम भूमिका रही। सैन्य कमांडरों के बीच 10 दौर की वार्ता के बाद पैंगोंग झील इलाके से सेना की वापसी की शुरुआत हुई।