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अनुच्छेद 370 खत्म होने से चीन को है अक्साइ चिन के छिन जाने का डर, चीनी थिंक टैंक ने किया खुलासा!

Tue, 16 Jun 2020 07:30 PM IST
Harendra Chaudhary न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत चीन सीमा तनाव - फोटो : File Photo
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इस्लामाबाद में चीनी दूतावास में प्रेस अधिकारी वेंग शियानफेंग ने 11 जून को एक ट्वीट किया कि आर्टिकल 370 के खत्म होने से चीन और पाकिस्तान की संप्रुभता के सामने चुनौती खड़ी हो गई है और कश्मीर और लद्दाख का स्टेटस बदलने से क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हालांकि बाद में उन्होंने यह ट्वीट डिलीट कर दिया, लेकिन इसके बाद भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव को नई नजरों से देखा जाने लगा।

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एस जयशंकर के सामने जताया था विरोध

वेंग शियानफेंग के ट्वीट के बाद चीन के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय से जुड़े थिंक टैंक चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेंपरी इंटरनेशनल रिलेशंस के उप निदेशक और स्कॉलर वेंग शिडा ने ‘दोहरे आत्म विश्वास में अंधा भारत’ नाम से एक आर्टिकल पोस्ट किया। शिदा ने लिखा कि पिछले साल अगस्त में जब भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म किया था और उसके बाद पहली बार जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन का दौरा किया था, तब भी चीन ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उनके सामने रखा था। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि भारत के इस कदम ने चीन के संप्रभु अधिकारों और हितों को चुनौती दी है। साथ ही सीमा क्षेत्रों के बीच शांति बनाए रखने के समझौते का उल्लंघन किया है।

भारत के नक्शे से खौफ!

वहीं वह आगे लिखते हैं कि जब भारत ने लदाख का नया नक्शा बनाया तो चीन के शिनजियांग और तिब्बत को उस नक्शे का हिस्सा बताया। जिससे चीन को मजबूरी में कश्मीर मामले पर सामने आना पड़ा और इसके बाद भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को हल करने में अनावश्यक रूप से कठिनाईयां पैदा हो गई हैं। गौरतलब है कि 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि पाक अधिकृत कश्मीर और अक्साइ चिन को जल्द ही खाली कराया जाएगा।
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भारत-अमेरिका की दोस्ती से नाराज

वहीं चीन नरेंद्र मोदी के दोबारा से प्रधानमंत्री बनने पर भी चिढ़ा हुआ है। अपने लेख में शिडा लिखते हैं कट्टरपंथी हिंदू राष्ट्रवाद का पालन करने वाली भारतीय जनता पार्टी को फिर से अभूतपूर्व राजनीतिक विश्वास प्राप्त हुआ। वह इसके आगे यह भी लिखते हैं कि 'भारत अमेरिका का खासमखास है, क्योंकि उसे अपनी ओर खींच ही नहीं लिया, बल्कि कश्मीर के मसले पर भी वह आंखें मूदें रहा। गौरतलब है कि चीन पहले ही 1954 में अंग्रेजों की खींची गई सीमा मैकमोहन लाइन को मानने से इनकार कर चुका है और नया नक्शा जारी करके अक्साइ चीन को शिनजियांग का हिस्सा बताता है।
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