दोकलम पर 73 दिन के गतिरोध के बाद भारत और चीन शुक्रवार से सीमा विवाद की गुत्थी सुलझाने पर माथापच्ची करेंगे। भारत-चीन सीमा वार्ता के 20वें दौर की बातचीत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जिची के बीच बातचीत होगी। बैठक से पूर्व चीन ने दोकलम मामले को उठा कर जहां इस मुद्दे पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है, वहीं भारत अन्य क्षेत्रों में चीनी घुसपैठ के मामले को उठाने की तैयारी में है। दोनों देश इस दौरान अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी एक दूसरे का मन टटोलेंगे।
सूत्रों ने बताया कि हालांकि वार्ता सीमा विवाद से संबंधित है, मगर इसमें अन्य मुद्दों के शामिल होने से इंकार नहीं किया जा सकता। जहां तक दोकलम का सवाल है तो भारत अपने पुराने रुख पर अडिग रहेगा। भारत पहले ही दोकलम को भूटान का क्षेत्र मानता है और इसमें किसी भी तरह के निर्माण के लिए भूटान की मंजूरी अनिवार्य मानता है। इसके अलावा बैठक में सीमा पर विवाद टालने के लिए एक दूसरे देश की ओर से सुझाव पर आधारित नया तंत्र स्थापित करने पर माथापच्ची होगी।
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चीन पहले ही साफ कर चुका है कि वार्ता महज सीमा विवाद तक सीमित नहीं रहेगी। इस दौरान रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत होगी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने कहा था कि यह वार्ता केवल उच्च स्तर पर सीमा मुद्दे पर चर्चा के लिए नहीं है बल्कि रणनीतिक संपर्क के लिए भी एक मंच है। हुआ ने कहा कि 2017 में भारत और चीन के रिश्ते बेहद ही सधे हुए तरीके से आगे बढ़ रहे थे लेकिन दोकलम विवाद ने दोनों देशों के सामने कड़ी चुनौती रख दी।