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नेता के रिश्तेदार ने फैलाया बिटक्वॉइन के धंधे का जाल 

Thu, 21 Dec 2017 05:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो / अमरोहा
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डेमो - फोटो : amar ujala
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नोटबंदी के दौरान ऑनलाइन धूम मचाने वाली विदेशी बिटक्वॉइन करेंसी ने देशवासियों का दिल जीत लिया। नौ हजार से उछाल मारकर लाखों की कीमत पर पहुंची बिटक्वॉइन के निवेशकों ने एकाएक लोगों को जोड़कर लेनदेन का ग्राफ बढ़ाना शुरू किया। जिसमें एक नेता के रिश्तेदार को जिले के सैकड़ों लोगों को जोड़कर बिटक्वॉइन खरीदने व बेचने का जाल फैलाने में देर न लगी। बिटक्वॉइन करेंसी के रेटों में भारी उछाल की ललक और मालामाल होने की चाहत में जनपद के करीब डेढ़ सौ लोगों ने जमकर निवेश किया। लेकिन भारत सरकार द्वारा बिटक्वॉइन को अवैध घोषित करने और आयकर विभाग की कार्रवाई से निवेशकों में हड़कंप मचा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में हजार व पांच सौ रुपये की पुरानी करेंसी को बंद कर दिया था। इसी दौरान देश में ऑनलाइन गैरकानूनी विदेशी बिटक्वॉइन और डिजिटल करेंसी का चलन शुरू हो गया। नौ हजार से उछाल मारकर लाखों की कीमत पर पहुंची बिटक्वॉइन ने निवेशकों को मालामाल कर दिया।

पढ़ें- बिटकॉइन : आयकर विभाग 5 लाख लोगों को देगा नोटिस
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करना होगा कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान 

bitcoin - फोटो : Getty images
जिसके बाद एकाएक निवेशकों का कारवां बढ़ता गया। सूत्रों के मुताबिक एक नेता के रिश्तेदार ने अमरोहा के लोगों से संपर्क शुरू कर दिया। जिले में कई मीटिंग की गईं। नेता के रिश्तेदार की बात मानकर लोगों ने लाखों रुपये निवेश कर दिए, लेकिन अब सरकार ने बिटक्वॉइन पर पाबंदी लगाई तो निवेशकों में हड़कंप मचा है। वहीं आयकर विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए विक्रेताओं से संपर्क साध रहे हैं। 

अमरोहा- अवैध वर्चुअल करेंसी बिटक्वॉइन के खरीदारों को आयकर विभाग नोटिस जारी करने की कार्रवाई कर रहा है। ऐसे लोगों को बिटक्वॉइन में हुए निवेश या लेनदेन का कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान करना होगा। आयकर विभाग की टीम ने हॉल ही में बंगलूरू जांच शाखा की निगरानी में देशभर के कई बड़े बिटक्वॉइन एक्सचेंजरों पर छापेमारी की थी। अब यह कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
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