भारत सरकार ने जनगणना 2027 को आसान बनाने के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 और व्हाट्सएप चैटबॉट शुरू किया है। यह बहुभाषी हेल्पलाइन आम लोगों और कर्मचारियों के सवालों का तुरंत समाधान करेगी। आजादी के बाद यह आठवीं और पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है, जिसमें नागरिक खुद 33 सवालों के जवाब ऑनलाइन दे सकेंगे।
भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने एक बहुत बड़ा और अहम कदम उठाया है। लोगों की सुविधा और उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) ने एक नई सेवा शुरू की है। अब जनगणना से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब पाना बहुत आसान हो गया है। सरकार ने इसके लिए एक खास राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी कर दिया है। इसके साथ ही, आज के डिजिटल समय को देखते हुए एक व्हाट्सएप चैटबॉट भी लॉन्च किया गया है ताकि लोग आसानी से अपने मोबाइल पर जानकारी हासिल कर सकें।
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इस नई सुविधा का सीधा मकसद जनगणना के पहले चरण को आसान बनाना है। नई दिल्ली से मिली जानकारी के मुताबिक, यह नया हेल्पलाइन नंबर 1855 मुख्य रूप से 'आवास सूचीकरण और आवास गणना' (एचएलओ) से जुड़े सवालों का तुरंत समाधान करेगा। जनगणना आयुक्त ने जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए व्हाट्सएप चैटबॉट की शुरुआत की है, जिससे लोग मैसेज भेजकर तुरंत सही और सटीक जानकारी पा सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया आम जनता और गणना करने वाले कर्मचारियों, दोनों के लिए बहुत मददगार साबित होगी।
क्या हेल्पलाइन नंबर पर आम जनता को अपनी भाषा में मदद मिलेगी?
रजिस्ट्रार जनरल ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक संदेश भेजकर इस नई सुविधा की पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि यह नई हेल्पलाइन बहुभाषी होगी, यानी इसमें कई भाषाओं में बात करने की सुविधा दी गई है। इससे आम जनता, गणना करने वाले कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों को उनकी अपनी भाषा में सवालों के जवाब और जरूरत की मदद मिल सकेगी। इस टोल-फ्री नंबर को सभी लैंडलाइन और मोबाइल नेटवर्क से जोड़ दिया गया है ताकि किसी भी नंबर से कॉल करने पर कोई परेशानी न हो।
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क्या जनगणना से जुड़े खास सवालों के लिए कोई अलग व्यवस्था है?
सरकार ने आम लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए बहुत ही पक्की व्यवस्था की है। अगर किसी व्यक्ति के पास जनगणना को लेकर कोई बहुत ही खास या अलग तरह का सवाल है, तो उसकी कॉल को सीधे संबंधित राज्य के जनगणना निदेशालय से जोड़ दिया जाएगा। इससे लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें सीधे सही अधिकारी से उनके सवाल का सटीक और पक्का समाधान मिल जाएगा।
भारत में चल रही यह 2027 की जनगणना, आजादी के बाद की आठवीं जनगणना है। यह इतिहास में पहली बार है जब जनगणना की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल की जा रही है। इसमें नागरिकों को पहली बार यह छूट दी गई है कि वे एक खास पोर्टल पर जाकर खुद ही 33 तय सवालों के जवाब दे सकते हैं। कोरोना महामारी की वजह से 2021 की जनगणना को टाल दिया गया था। अब यह काम दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण (मकान-सूचीकरण और आवास जनगणना) अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में पूरा होगा।