नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत के मुंहतोड़ जवाब से सन्न पाकिस्तानी मिलिट्री ऑपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) की हॉटलाईन पर गोलाबारी रोकने की पेशकश पर भारतीय सेना को यकीन नहीं है। सेना को गंभीर शक है कि यह अपनी सामरिक स्थिति मजबूत करने के लिए पाकिस्तान की सुनियोजित चतुर चाल है।
बीते बुधवार को पाकिस्तान और भारत के डीजीएमओ की हॉटलाईन पर बातचीत के बाद एलओसी पर तो शांति है लेकिन घुसपैठ और घाटी में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमला जारी है। तमाम शक शुबहे के बावजूद पाकिस्तान की इस पेशकश को मानकर भारत हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के दौरान शांति बहाली की संभावना को एक मौका देना चाहता है।
सेना के उच्चपदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि बुधवार की शाम 6.30 पर दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच स्थापित हॉटलाईन लंबे समय बाद घनघनाया। जब ऑपरेटर ने फोन उठाया तब पाकिस्तान की तरफ से बातचीत की पेशकश संबंधी संदेश दिए गए।
फाइल फोटोः डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह
स्पष्ट नहीं है बातचीत का एजेंडा
सूत्रों ने बताया कि उधर से बातचीत के एजेंडे के बारे में पूछने पर भी कुछ नहीं बताया गया। पाकिस्तान के इस अकस्मात कॉल की वजह से सेना का शीर्ष नेतृत्व शक शुबहे से घिर गया।
सूत्रों ने बताया कि इस पहले कॉल के बाद डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह, सेना के चुनिंदा शीर्ष अधिकारी और विदेश मंत्रालय के पाकिस्तानी डेस्क के अधिकारियों ने बातचीत के मुख्य एजेंडे पर गंभीर मंत्रणा की। इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने भी हिस्सा लिया। पहले कॉल के करीब दो घंटे बाद दोनों डीजीएमओ हॉटलाईन पर आए और करीब बीस मिनट तक बातचीत हुई।
सूत्रों ने बताया कि पाक डीजीएमओ मेजर जनरल शाहिद शमशाद मिर्जा ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना की कार्रवाई में उसके तीन जवान और नौ नागरिक मारे गए हैं। भारत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह सिर्फ उन पाकिस्तानी पोस्ट को अपना लक्ष्य बना रहा है, जहां से फायरिंग की जा रही है।
शांति बहाली के लिए पाक को रखना होगा संयम
लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने दो टूक कहा कि अगर उधर से संयम बरता जाए तो सीमा पर शांति बहाली हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान का मुख्य मकसद भारत को किसी भी तरीके से आक्रामक जवाबी कार्रवाई से रोकना था। भारत ने बुधवार की सुबह नौ बजे से तब अंधाधुंध जवाबी कार्रवाई शुरु की जब मंगलवार को मिछेल सेक्टर में भारतीय जवान से शव से बर्बरता की बात सामने आयी।
सूत्रों ने बताया कि 3-4 दिसंबर को अमृतसर में पाक प्रधानमंत्री ने विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज हिस्सा लेंगे। इसमें दोनों तरफ से शांति बहाली के लिए गंभीर कदम उठाए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक भारत पाकिस्तान की ताजा पेशकश को मान कर इस शांति बहाली को एक मौका देना चाहता है। यह फैसला शीर्ष कूटनीतिक स्तर पर किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक हालांकि अभी दोनों तरफ से संयम बरता जा रहा है। लेकिन पाकिस्तान जरुर अपनी स्थिति मजबूत कर आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार कर रहा होगा। लिहाजा अपनी सेना पूरी तरह तैयार बैठी है।