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India-EU Summit: पहली बार भारत-यूरोपीय संघ ने किया सुरक्षा और रक्षा परामर्श, PESCO में भारत की भागीदारी पर हुई चर्चा

Sun, 12 Jun 2022 11:01 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बेल्जियम की राजधानी में भारतीय दूतावास ने कहा कि शुक्रवार को व्यापक चर्चा में यूरोप, भारत के पड़ोस और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकसित हो रही सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। इस दौरान स्थायी संरचित सहयोग (पेस्को) में भारत की भागीदारी पर भी चर्चा हुई।
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूरोपीय संघ के उच्चायुक्त - फोटो : Social Media
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विस्तार
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यूक्रेन संकट के बीच पहली बार भारत और यूरोपीय संघ ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की संभावना पर चर्चा की है। जुलाई 2020 में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णय के अनुसार ब्रुसेल्स में आयोजित पहली भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा परामर्श में विचार-विमर्श हुआ।

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भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी। बेल्जियम की राजधानी में भारतीय दूतावास ने कहा कि शुक्रवार को व्यापक चर्चा में यूरोप, भारत के पड़ोस और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकसित हो रही सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। इस दौरान स्थायी संरचित सहयोग (पेस्को) में भारत की भागीदारी पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि पेस्को यूरोपीय संघ की सुरक्षा और रक्षा नीति का एक हिस्सा है। दिसंबर 2017 में इसकी स्थापना ने भाग लेने वाले यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच रक्षा पर सहयोग को एक नए स्तर पर बढ़ा दिया है। दूतावास ने कहा कि दोनों पक्षों ने हाल के वर्षों में नियमित समुद्री सुरक्षा वार्ता की स्थापना सहित सुरक्षा और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में कई सकारात्मक विकास पर ध्यान दिया है। 

भारतीय दूतावास ने अपने एक बयान में बताया कि परामर्श के दौरान, दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत-यूरोपीय संघ के सहयोग को बढ़ाने, भारत के पड़ोस में हथियारों के निर्यात पर यूरोपीय आचार संहिता के कार्यान्वयन, रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन में सहयोग पर भी चर्चा की। इसमें पेस्को में भारत की भागीदारी भी शामिल है। बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में भारत-यूरोपीय संघ के रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए।

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