भारत और रूस द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद रोधी सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय मुद्दों पर आतंकवाद और भारत-रूस द्विपक्षीय परामर्श पर 12वें भारत-रूस संयुक्त कार्य समूह के लिए 3-4 मई को मास्को में दोनों पक्षों के शीर्ष अधिकारियों ने मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, रूस ने संशोधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सदस्य के रूप में भारत के लिए अपना समर्थन दोहराया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा ने किया, जबकि रूसी पक्ष का नेतृत्व विदेश मामलों के उप मंत्री ओलेग सिरोमोलोटोव ने किया।
बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने में अपने अनुभव साझा किए और वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर मौजूदा आतंकवादी खतरों पर चर्चा की। बैठक में भारत और रूस के संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। आगे बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।
रूसी पक्ष ने 2022 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद-रोधी समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत की भूमिका की सराहना की और सत्र में आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला करने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
संयुक्त राष्ट्र से संबंधित मुद्दों पर भारत-रूस द्विपक्षीय परामर्श गुरुवार को विदेश मामलों के उप मंत्री सर्गेई वर्शिनिन के साथ आयोजित किया गया था। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने यूएनएससी से संबंधित कई मुद्दों पर इसके सुधार सहित व्यापक चर्चा की।
भारत और रूस में मुद्रा पर व्यापार वार्ता के निलंबन पर रूसी विदेश मंत्री ने दिया जवाब
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत और रूस के बीच मुद्रा पर व्यापार वार्ता के निलंबन का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्ट पर शुक्रवार को जवाब दिया। उन्होंने कहा, इस मुद्दे पर तब चर्चा हो रही है जब रूस ने भारतीय बैंकों में अरबों रुपये जमा किए हैं और अब इस रकम को दूसरी मुद्रा में बदलने की जरूरत है।
लावरोव ने कहा, जहां तक रुपये की बात है तो यह एक समस्या है क्योंकि भारतीय बैंकों में हमारे खातों में अरबों रुपये जमा हैं और हमें इसका इस्तेमाल करने की जरूरत है। इसके लिए, रुपये को अन्य मुद्रा में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है और इसपर चर्चा की जा रही है। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में भारत सरकार के अधिकारियों का हवाला देते हुए दावा किया गया कि भारत और रूस ने बातचीत के बाद रुपये में द्विपक्षीय व्यापार को निपटाने के प्रयासों को निलंबित कर दिया था। एजेंसी