भारत द्वारा दिए गए इन हेलिकॉप्टर में से एक हिंद महासागर के दक्षिणतम अड्डू द्वीप पर तथा दूसरा सामरिक दृष्टिकोण के महत्वपूर्ण लम्मू क्षेत्र में तैनात है। इसके अलावा मालदीव में आपातकाल लगाए जाने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई है। मालदीव सरकार ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि वह दोनों हेलिकॉप्टर और इसके स्टाफ को अपने यहां रखने के पट्टा समझौते का नवीनीकरण नहीं करेंगे।
जानकारी के लिए बता दें कि दोनों देशों के संबंध और भी खराब तब हुए तब भाजपा के सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने ये बयान दिया कि इस देश (मालदीव) के आने वाले राष्ट्रपति चुनावों में अगर गड़बड़ी होती है तो भारत को मालदीव पर हमला बोल देना चाहिए। स्वामी के इस बयान से रविवार को केंद्र सरकार ने खुद को अलग भी कर लिया है।
भारत के लिए मालदीव के साथ अच्छे रिश्ते रखना बेहद जरूरी है। ताकि वह चीन के स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स पॉलिसी से खुद को सुरक्षित रख सके। जिसका केवल एक ही उद्देश्य है और वह है भारत को चारों ओर से घेरना। इसके अंतर्गत भारत के पड़ोसी देशों में विकास के नाम पर चीन अपनी पैठ मजबूत करता जा रहा है और अपने कर्जे में उन देशों को फंसाने के बाद भारत के खिलाफ करने की उसकी रणनिती है। इस लिहाज से अपने पड़ोसी देशों में चीन के इन बढ़ते कदमों को रोकने के लिए भारत के उनसे अच्छे रिश्ते होना बेहद जरूरी है।