बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने राजनीतिक, व्यापार और वाणिज्य, निवेश, रक्षा और सुरक्षा, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, और संस्कृति और लोगों से लोगों के जुड़ाव को कवर करते हुए द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण विस्तार की समीक्षा की।
भारत और कांगो ने गुरुवार को विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) के दूसरे दौर का आयोजन किया और बहुपक्षीय मंचों पर अपना सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। भारत और कांगो गणराज्य (आरओसी) के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का दूसरा दौर 13 अप्रैल, 2023 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
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विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसकी सह-अध्यक्षता सेवाला नाइक मुडे, संयुक्त सचिव (सी एंड डब्ल्यूए) और राजदूत गिसेले बौंगा-कलौ, कैबिनेट के निदेशक और कांगो गणराज्य के विदेश मंत्रालय ने की थी। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने राजनीतिक, व्यापार और वाणिज्य, निवेश, रक्षा और सुरक्षा, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, और संस्कृति और लोगों से लोगों के जुड़ाव को कवर करते हुए द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण विस्तार की समीक्षा की।
उन्होंने भारत और आरओसी के बीच संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बहुपक्षीय मंचों पर अपने सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर कांगो गणराज्य की राजधानी ब्राजाविल (Brazzaville) में परामर्श के अगले दौर को आयोजित करने पर सहमत हुए।
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बता दें कि भारत और कांगो गणराज्य के बीच कांगो के पूर्व-स्वतंत्रता युग से ही मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 2019 में ब्राजाविल में भारत के रेजिडेंट मिशन के खुलने से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं। द्विपक्षीय व्यापार भी लगातार बढ़ रहा है और यह 2018-19 की तुलना मे 52.7 करोड़ डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 1.47 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
भारत ने ग्रामीण विद्युतीकरण, परिवहन प्रणालियों के विकास और सीमेंट संयंत्रों के निर्माण के लिए आरओसी को 214.90 मिलियन डॉलर मूल्य की तीन लाइन ऑफ क्रेडिट (LoCs) प्रदान की थी। भारत आईटीईसी (ITEC) के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में कांगो के अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ आईसीसीआर (ICCR) के तहत स्कॉलरशिप / फैलोशिप प्रदान करके क्षमता निर्माण में आरओसी का समर्थन कर रहा है।