अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले साल चीन के साथ चल रही ट्रेड वार के दौरान भारत से आने वाले कुछ निश्चित स्टील व एल्युमिनियम उत्पादों पर भी भारी शुल्क थोप दिया था। इसके अलावा जीएसपी के तहत कुछ खास उत्पादों को मिलने वाली टैरिफ छूट को भी खत्म कर दिया गया था। भारत इन दोनों निर्णयों को बदलने का आग्रह कर रहा है। साथ ही भारत की तरफ से कृषि, ऑटोमोबाइल, वाहनों के पुर्जे व इंजीनियरिंग से जुड़े अपने उत्पादों के लिए अमेरिकी दरवाजे खोलने का भी दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका की तरफ से भारत पर अपने कृषि, मेन्युफेक्चरिंग उत्पाद, डेयरी उत्पाद और चिकित्सा उपकरणों के लिए अपने बाजार के दरवाजे खोलने का दबाव बनाया जा रहा है।
दोनों देशों के बीच व्यापार
- 52.4 अरब डॉलर के उत्पाद निर्यात किए थे भारत ने 2018-19 में यूएस को
- 35.5 अरब डॉलर के उत्पाद इस दौरान भारत ने यूएस से किए थे आयात
- 21.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा था दोनों देशों के बीच 2017-18 में
- 16.9 अरब डॉलर ही रह गया यह व्यापार घाटा घटकर 2018-19 के दौरान
- 3.13 अरब डॉलर का निवेश अमेरिका ने किया था 2018-19 में भारत में
- 02 अरब डॉलर ही था यह निवेश 2017-18 के दौरान अमेरिका की तरफ से
सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड डील के अलावा रक्षा सहयोग को और बढ़ाने पर भी वार्ता होगी। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए दोनों देशों के बीच एक नया समझौता होने की भी संभावना है।